Last Updated: September 19, 2026

Dainik Savera Times Logo

निखारा पहले अपना ‘हुनर’, अब तैयार किया ‘स्वरोजगार’

September 19, 2026

निखारा पहले अपना ‘हुनर’, अब तैयार किया ‘स्वरोजगार’

शिमला। कहते है अगर हुनर को सही समय पर निखार कर सही मंच तक ले जाया जाए तो हुनर आपको बुलंदियों पर पहुंचा देता है। ऐसा ही शिमला शहर के नामी सरकारी कॉलेज आरकेएमवी की पूर्व छात्राओं ने साबित कर दिया है। कॉलेज के पेंटिंग विभाग की 20 से अधिक पूर्व छात्राओं ने एक समूह बनाकर एक नई पहल की है। इन छात्राओं ने इन्द्रेणी नाम से एक समूह बनाया जिसमें सभी पेटिंग आर्टिस्ट हैं। यह समूह हर साल शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर पर अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगाती है। इस वर्ष भी 12 सितंबर से 16 सितंबर 2026 तक इन्द्रेणी को 05वा संस्करण महासू आर्ट शिमला के सहयोग से आयोजित किया गया है। इसमें 23 पेटिंग आर्टिस्ट ने हिस्सा लिया।

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस प्रदर्शनी का आवोलन किया और बेटियों के कार्य की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने अर्टिस्ट को सम्मानित भी किया। असिस्टेंट प्रोफेसर डा भादर सिंह ने बताया कि जहां पूर्व छात्राओं के इस प्रयास से काॅलेज को अलग पहचान मिल रही है, वहीं प्रदेश भर में पेंटिग आर्टिस्ट का समूह खड़ा हो रहा है। इसमें सभी सदस्य लड़कियां ही हैं। मेरे लिए गर्व की बात है कि सभी छात्राओं का मैंने पढ़ाया है और यह सभी हिमाचल की कला के लिए अपना योगदान दे रहीं हैं।

स्वरोगजार की मिसाल

इन्द्रेणी से जुड़ी हर लड़ी अब पेटिंग से अपनी आय अर्जित कर रही है। शुरू में भले ही कम आय होती थी, लेकिन अब लड़कियों को अच्छी आय होना शुरू हो गई है। इन लड़कियों की बनाई हुई पेंटिग विदेशों में भी खरीदी जा रही है। यह सभी अब घर पर ही स्वरोजगार तैयार कर रही हैं। इसके साथ ही अपनी सभ्यता और संस्कृति का संवर्धन भी कर रही है।

महिला सशक्तिकरण की तरफ बढ़ते कदम

महिला शक्तिकरण को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से अनेकों योजनाएं शुरू की गई हैं। काॅलेजों में बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जा रही है जिससे बच्चे स्वरोजगार पैदा कर रहे हैं। शहर के सरकारी काॅलेज आरकेएमवी में बीए पेंटिग तीन वर्षीय डिग्री कोर्स के बाद ही लड़कियां अपनी आय अर्जित कर रही है।

2021 में बना इन्द्रेणी

वर्ष 2021 में आरकेएमवी की पूर्व छात्राओं जमुना गुरूंग, सुषमा शर्मा, सुष्मिता राय, सपना, कृतिका, निर्मला और अमीषा ने मिलकर इन्द्रेणी बनाने का फैसला किया। इसमें सबसे अधिक मदद अस्सिटेंट प्रोफेसर डा भादर सिंह ने की। 2021 में ही उन्होंने पहली चित्रकला प्रदर्शनी गेयटी में लगाई। इसके बाद हर साल इसी तरह प्रदर्शनी लगाते रहे। इस वर्ष इस प्रदर्शनी में 23 लड़कियों ने हिस्सा लिया। इसमें 20 हिमाचल की लड़कियां शामिल रही जबकि एक उतराखंड, एक झारखंड और नेपाल की लड़की इसमें शामिल रही। हिमाचल की पेटिंग आर्टिस्ट में कनिका शर्मा कुल्लू, सुषमा शर्मा और साक्षी मंडी, अमीषा, सपना, कृतिका, रूचिका, रजनी, कोमल, मनकिता, अंजली, स्वाति, प्रीत और रितिका शिमला से, जैसमीन हीर बिलासपुर से, अंकाक्षा लाहुल स्पिति, मुस्कान नेगी किन्नौर और ज्योति सिन्हा सोलन शामिल रही।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि आरकेएमवी काॅलेज की पूर्व छात्राओं के प्रयास से आज इन्द्रेणी के साथ प्रदेश के ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों और नेपाल के चित्रकार जुड़ रहे है। इंद्राणी में सभी महिला चित्रकार है। हमारे लिए गर्व की बात है कि बेटियां अपने हुनर को सही मंच तक ले जाने में आगे आ रही है और इसके साथ ही आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। इन्द्रेणी की ओर से लगाई गई गेयटी में प्रदर्शनी में इन बेटियों ने उम्दा पेंटिंग बनाई थी जिसमें हिमाचल की सभ्यता और संस्कृति की झलक देखने को मिली है। हर पेंटिंग अपनी कहानी बयां कर रही थी। आरकेएमवी की पूर्व छात्राओं ने नई पहचान देकर इतिहास लिखने की कोशिश की है। आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर बढ़ रहे प्रयायों में कला का योगदान भी अग्रणी रहेगा। मैं इन्द्रेणी की हर सदस्य को बधाई देता हूं। इसके साथ ही आरकेएमवी में तैनात अस्सिटेंट प्रोफेसर पेंटिंग डा भादर सिंह का भी इसमें अहम योगदान है जिनके प्रयासों से इन बच्चियों के लिए यह मंच मिल पाया है। यह सभी बेटियां चित्रकला के माध्यम से अपनी आजीविका भी कमा रही हैं। मैं आम जन से भी यही अपील करूंगा कि इनके द्वारा बनाई हुई पेंटिंग की खरीद अवश्य करें।

नेपाल की रहने वाली चित्रकार सुष्मिता राय ने बताया कि उसके पिता आर्मी में थे और उसकी स्कूली शिक्षा हिमाचल में हुई है। बचपन से पेंटिंग का शौक था। स्कूल में डा भादर सिंह हमें पेंटिंग सिखाया करते थे। फिर उनकी कॉलेज में नौकरी लग गई। फिर मैंने जमा दो के बाद बीए पेंटिंग के लिए आरकेएमवी में प्रवेश लिया और 2018-21 में डिग्री पूरी की। तब से प्रोफेशन के तौर पर पेंटिंग कर रही हूं और अभी तक 40 से 45 पेंटिंग बेच चुकी हूं। करीब दो लाख तक मैंने अपनी पेटिंग से कमाई की है। मैं शिमला के अर्किटेक्चर पर पेटिंग बनाती हूं। लड़कियां इस फील्ड में बहुत कम आती है। ऐसे में हमारा प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक लड़कियों को पेटिंग की बारिकियों को सिखाएं और इन्द्रेणी के माध्यम से उन्हें उपलब्ध करवाएं ताकि वह अपने शौक को जिंदा रखकर आजीविका कमा सके।

शिमला के कोटगढ़ क्षेत्र के गांव बाहली की रहने वाली रूचिका ने बताया कि वर्ष 2019-2022 बैच में आरकेएमवी से बीए पेटिंग की है। इसके बाद पहाड़ी टोपी, पहाड़ी शाॅल थीम पर ही अपनी सारी पेंटिग बनाती हूं। अभी तक करीब 7 देशों में अपनी पेटिंग भेज चुकी है। इसके अलावा देश के कई सरकारी कार्यालयों में मेरी बनाई पेंटिंग लगी हुई है। अभी तक करीब 05 लाख रुपए अपनी पेंटिंग को बेच कर कमा चुकी हूं। परिवार के सहयोग और शिक्षकों ने मेरे हुनर को निखारा है। इन्द्रेणी ने हमारे जीवन में परिवर्तन लाया है। अब हमारा 20 से अधिक लड़कियों को समूह है। मेरा मकसद अपने काम के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देना है। अब अपना हुनर ही रोजगार बन गया है।

जिला शिमला के सुन्नी क्षेत्र की रहने वाली सपना ने वर्ष 2018-2021 से बीए पेटिंग की डिग्री हासिल की। स्कूल के समय जब मैं पेटिंग बनाती थी तो हिंदी के शिक्षक ने कहा था कि पेंटिग में पढ़ाई करों। इसके बाद मैंने आरकेएमवी में प्रवेश लिया। फिर मैंने हिमाचली खाडू के माध्यम से उनके जीवन के संघर्ष और रहन सहन को अपनी पेंटिंग में दर्शाया। अभी तक करीब 25 पेंटिंग बेच चुकी हूं और 03 से 04 लाख रुपए कमा चुकी हूँ।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें