Last Updated: October 2, 2026

Dainik Savera Times Logo

गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट पर सरकार की कमेटी को लेकर अकाल तख्त ने जताई नाराजगी

October 2, 2026

गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट पर सरकार की कमेटी को लेकर अकाल तख्त ने जताई नाराजगी

Akal Takht Raises Concerns Over Punjab Panel on Satkar Act : अमृतसर। ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ में संशोधन को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दिए गए सुझावों पर पंजाब सरकार की ओर से गठित सात सदस्यीय कमेटी अब आगे की प्रक्रिया पर काम करेगी। सरकार ने 16 सितंबर को कमेटी गठित की थी और इसके श्री अकाल तख्त साहिब की कमेटी के साथ समन्वय करने की बात कही है।

श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय के अनुसार, 30 सितंबर की समय-सीमा समाप्त होने पर सरकार ने कमेटी के गठन की जानकारी दी। सचिवालय के इंचार्ज एस. बगीचा सिंह ने बताया कि यह जानकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज के संज्ञान में लाई गई, जिन्होंने सरकार के रवैये पर असंतोष जताया। वहीं, सरकार की ओर से कमेटी के माध्यम से एक्ट के प्रावधानों और क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

30 सितंबर 2026 को यह समय-सीमा खत्म होने के बाद, पंजाब सरकार के गृह विभाग ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय को आधिकारिक तौर पर सूचित किया कि राज्य सरकार ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए 16 सितंबर 2026 को सात सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। पंजाब सरकार द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि “सरकारी कमेटी” श्री अकाल तख्त साहिब से मिले सुझावों और मार्गदर्शन पर पूरे सम्मान के साथ विचार कर रही है। पंजाब सरकार की ओर से बनाई कमेटी, श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा बनाई गई कमेटी के साथ विस्तार से बातचीत करेगी और ज़रूरी सलाह-मशविरा और तालमेल करेगी।

इसके बाद सभी सुझावों और विचारों को ध्यान में रखते हुए मामले को सही तरीके से अंतिम रूप दिया जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय के इंचार्ज एस. बगीचा सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा भेजी गई जानकारी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार, सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज के ध्यान में लाई गई है। उन्होंने बताया कि सिंह साहिब ने इस बात पर अफ़सोस जताया कि पंजाब सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है और सरकार का रवैया गैर-ज़िम्मेदाराना है।

उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब ने सिखों की भावनाओं के अनुसार कानून में और बदलाव के लिए दो महीने का समय दिया था—जिसका मतलब था कि सरकार से इस समय-सीमा के भीतर मामले को सुलझाने की उम्मीद थी—फिर भी, समय-सीमा के आखिरी दिन (30 सितंबर, 2026) सरकार ने बिना कोई ठोस कदम उठाए सिर्फ़ एक कमेटी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे पहले, 29 जून, 2026 के श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश के बाद, जिसमें एक महीने का समय दिया गया था, सरकार ने आखिरी दिन (29 जुलाई, 2026) अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर के ज़रिए श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय को अपना जवाब भेजा था।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें