
लुधियाना: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से लुधियाना में आयोजित पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा के दौरान मुस्लिम समुदाय को लेकर की गई टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है।
धीरेंद्र शास्त्री के हालिया बयान के बाद पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने पलटवार किया है। शुक्रवार को जमा मस्जिद में नमाज के बाद जारी बयान में शाही इमाम ने कहा कि शास्त्री ने मुस्लिम समुदाय की बहनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और अब वह अपने बयान का अर्थ बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
शाही इमाम ने कहा कि शास्त्री ने उस समय धर्म परिवर्तन की बात नहीं की थी बल्कि मुस्लिम बहनों को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि हमारी बहनों की तौहीन की कोशिश की गई थी। हम गैरतमंद कौम हैं और अपनी बेटी की तरह गैर की बेटी की भी इज्जत करते हैं। शास्त्री की टिप्पणी की रिकॉर्डिंग मौजूद है और उस समय भी उनसे अपने शब्द वापस लेने को कहा गया था। शाही इमाम के अनुसार, प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया था और शास्त्री ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि मुस्लिम भी उनके भाई हैं।
शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री के पंजाब आने के बयान पर कहा कि “स्वागत है उनका, जब आना चाहें आ जाएं। मैं उन्हें पंजाब का इतिहास बताना चाहूंगा। श्री दरबार साहिब की नींव साईं मियां मीर ने रखी थी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब में बाबा फरीद जी का कलाम भी दर्ज है।
इमाम ने दी मजहब के खिलाफ बोलने वालों को चेतावनी
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की धरती पर किसी मजहब के खिलाफ बोलने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि उनका उद्देश्य किसी धर्म की बुराई करना नहीं, बल्कि सभी धर्मों और इबादतगाहों का सम्मान करना है।
📍 Location: लुधियाना (लुधियाना)
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