Last Updated: October 14, 2026

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राहुल गांधी झूठे आरोपों की राजनीति छोड़ें, लोकतंत्र में आरोपों के साथ प्रमाण देना भी जरूरी : श्रीकांत शर्मा

October 14, 2026

राहुल गांधी झूठे आरोपों की राजनीति छोड़ें, लोकतंत्र में आरोपों के साथ प्रमाण देना भी जरूरी : श्रीकांत शर्मा

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार चुनावी पराजय का सामना कर रही है, लेकिन राहुल गांधी अपनी राजनीतिक कार्यशैली में सुधार करने के बजाय बार-बार चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता का विश्वास हासिल करने के लिए आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाकर जनता को परेशान तो किया जा सकता है, लेकिन जनता का विश्वास और चुनावी विजय हासिल नहीं की जा सकती।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल और नेता को सवाल उठाने तथा आरोप लगाने का अधिकार है, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हैं, लेकिन जब उनसे प्रमाण मांगे जाते हैं तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक जवाबदेही और प्रमाण आधारित सार्वजनिक चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेतृत्व को समझना चाहिए कि केवल आरोपों को दोहराने से वे सत्य सिद्ध नहीं हो जाते।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने ‘चौकीदार चोर है’ का नारा देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के खिलाफ व्यापक राजनीतिक अभियान चलाया था, लेकिन चुनाव परिणामों में जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उस समय भी कांग्रेस नेतृत्व ने सकारात्मक राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने के बजाय आरोपों की राजनीति को प्राथमिकता दी थी। शर्मा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आज भी उसी राजनीतिक रणनीति को दोहरा रहे हैं और चुनावी पराजय के वास्तविक कारणों का विश्लेषण करने के बजाय दूसरों को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लंबे समय से राहुल गांधी को पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, लेकिन लगातार चुनावी चुनौतियों के बावजूद संगठन और राजनीतिक रणनीति में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार राहुल गांधी की राजनीतिक री-लॉन्चिंग का प्रयास करती है, लेकिन प्रत्येक चुनावी चुनौती के बाद पार्टी को नए सिरे से अपनी रणनीति समझाने की आवश्यकता पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब आत्मचिंतन करना चाहिए कि कांग्रेस का जनाधार मजबूत करने के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय संगठनात्मक स्तर पर क्या सुधार आवश्यक हैं।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार की आपत्ति उठाने के लिए संवैधानिक और कानूनी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यदि राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी के पास मतदाता सूची में अनियमितताओं के प्रमाण हैं, तो उन्हें संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन करना राजनीतिक अधिकार है, लेकिन आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा पहुंचाने या बिना पर्याप्त प्रमाण के चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने से बचना चाहिए।

श्रीकांत शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों की विधिसम्मत जांच करना है। उन्होंने दावा किया कि सत्यापन के दौरान कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें संबंधित व्यक्तियों के नाम या पते की पुष्टि नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना निर्धारित प्रक्रिया और उचित अवसर के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।

शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे किन विशिष्ट मामलों में मतदाता सूची की प्रक्रिया पर आपत्ति जता रहे हैं और उनके पास उसके समर्थन में कौन-से दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता चुनावी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सभी राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया में रचनात्मक सहयोग देना चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसके लिए कानूनी उपाय उपलब्ध हैं और ऐसे मामलों का तथ्यात्मक समाधान होना चाहिए।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस को चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच जाकर अपनी नीतियों, कार्यक्रमों और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय मतदाता करते हैं और प्रत्येक राजनीतिक दल को जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

श्रीकांत शर्मा ने राहुल गांधी से आत्मचिंतन करने का आग्रह करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से आगे बढ़कर ठोस तथ्यों, सकारात्मक कार्यक्रमों और जनता से सीधे संवाद पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के पक्ष में है।

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