
4,000 Bags of Subsidised Urea Seized in Amritsar Raid : अमृतसर। किसानों के लिए सब्सिडी वाली कृषि ग्रेड यूरिया खाद के कथित दुरुपयोग और औद्योगिक इकाइयों में अवैध इस्तेमाल के खिलाफ कृषि विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस ने संयुक्त कार्रवाई की।
16 अक्टूबर 2026 को मजीठा रोड स्थित बल्ल कलां में मृदुल केमिकल्स के परिसर पर छापेमारी कर करीब 4,000 बैग यूरिया खाद जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान औद्योगिक इकाई के कार्यालय रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए। डीएसपी यादविंदर सिंह के अनुसार, इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है तथा अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त खाद के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि सब्सिडी वाली कृषि ग्रेड यूरिया का इस्तेमाल केवल खेती के लिए किया जा सकता है। इसके अवैध इस्तेमाल या दूसरे कार्यों के लिए डायवर्जन की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी अभियान के तहत 16 अक्टूबर 2026 को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और जी.एस.टी. इंटेलिजेंस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बल्ल कलां, मजीठा रोड स्थित मृदुल केमिकल्स के परिसर में छापेमारी की। इस दौरान कृषि में इस्तेमाल होने वाली यूरिया खाद के लगभग 4,000 बैग जब्त किए गए। जब्त की गई यूरिया खाद हिंदुस्तान फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड तथा कृभको फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित है। कार्रवाई के दौरान जी.एस.टी. इंटेलिजेंस की टीम ने संबंधित औद्योगिक इकाई के कार्यालय रिकॉर्ड की भी जांच की और आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
इस मामले में डी.एस.पी. यादविंदर सिंह ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई देर रात तक जारी रही और इस मामले में अब तक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य कृषि अधिकारी, अमृतसर सरदार अमरजीत सिंह दोसांझ ने बताया कि कृषि ग्रेड यूरिया एक विनियमित एवं सब्सिडी वाली खाद है, जिस पर किसानों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जाती है।
इसलिए इसका उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए ही किया जाना अनुमत है। दूसरी ओर, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल के लिए खाद कंपनियों द्वारा तकनीकी ग्रेड यूरिया उपलब्ध करवाई जाती है, जिस पर सरकार की ओर से कृषि ग्रेड यूरिया की तरह सब्सिडी नहीं दी जाती। उन्होंने बताया कि जब्त की गई खाद के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की जांच और छापेमारी लगातार जारी रखी जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी औद्योगिक इकाई में सब्सिडी वाली कृषि ग्रेड यूरिया का अवैध इस्तेमाल या अन्यत्र उपयोग के लिए डायवर्जन पाया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर जी.एस.टी. इंटेलिजेंस की टीम से गगन बहल, प्रशांत जोशी (सीनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर), नवदीप सिद्धू तथा अमरिंदर सिंह (इंटेलिजेंस ऑफिसर) उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग की ओर से बलविंदर सिंह छीना, हरभिंदर सिंह, गुरजोत सिंह गिल, परजीत सिंह, मनदीप सिंह, गुरजीत सिंह तथा गुरबाज सिंह (कृषि विकास अधिकारी), अश्वनी बडवाल (कृषि उप निरीक्षक), सरवण सिंह (ए.एस.आई.) और जसबीर सिंह (ए.एस.आई. एवं चौकी इंचार्ज, बल्ल कलां, थाना कंबो) भी मौजूद थे।