
Literary Fraternity Pays Tribute to K.L. Garg : मोगा। भाषा विभाग पंजाब और साहित्य सभाओं के सहयोग से एसडी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोगा में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।
साहित्यकारों और शिक्षाविदों ने केएल गर्ग के जीवन, साहित्यिक उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए उन्हें पंजाबी साहित्य का अनमोल रत्न बताया। वक्ताओं ने कहा कि उनके निधन से साहित्य जगत को कभी न पूरा होने वाला नुकसान हुआ है। इस दौरान उनकी स्मृति में पंजाब भवन नई दिल्ली में तस्वीर लगाने और पुस्तकालय स्थापित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
स्कूल परिसर में आयोजित इस समारोह में साहित्यकारों, शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों ने के.एल. गर्ग के जीवन, साहित्यिक उपलब्धियों और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि उनके निधन से पंजाबी साहित्य जगत को कभी न पूरा होने वाला नुकसान हुआ है। समारोह में के.एल. गर्ग की धर्मपत्नी श्रीमती जनक गर्ग, अमेरिका से पहुंचे उनके बेटे गगनदीप गर्ग, बेटी करुणा अग्रवाल और स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साहित्यकार को श्रद्धांजलि दी।
भाषा विभाग, साहित्य सभाओं, स्कूल के प्रिंसिपल और प्रबंधन समिति की ओर से श्रीमती जनक गर्ग को तस्वीर और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का मंच संचालन करते हुए जिला भाषा अधिकारी डॉ. अजीतपाल जटाणा ने बताया कि भाषा विभाग पंजाब की ओर से पंजाबी के प्रसिद्ध दिवंगत साहित्यकारों की तस्वीरें नई दिल्ली स्थित पंजाब भवन में लगाने की मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में आने वाले दिनों में के.एल. गर्ग की तस्वीर भी पंजाब भवन में सम्मानपूर्वक लगाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान सोनी मोगा ने के.एल. गर्ग की शख्सियत को समर्पित गीत प्रस्तुत किया।
शहीद भगत सिंह कला मंच चड़िक के संचालक तीरथ चड़िक ने गुरमीत कड़ियालवी द्वारा के.एल. गर्ग की प्रसिद्ध कहानी ‘शहीद’ के किए गए नाटकीय रूपांतरण की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में दलजिंदर कौर ने पृष्ठभूमि संगीत का संचालन किया। श्रद्धांजलि विचार-चर्चा में स्कूल की प्रिंसिपल परमजीत कौर ने कहा कि संस्था के संचालन में के.एल. गर्ग के बहुमूल्य मार्गदर्शन को हमेशा याद रखा जाएगा। वरिष्ठ साहित्यकार बलदेव सिंह सड़कनामा ने उनके साथ करीब 60 वर्ष पुराने व्यक्तिगत और साहित्यिक संबंधों को याद किया। डॉ. सुरजीत बराड़ ने कहा कि के.एल. गर्ग ने अपनी तीखी व्यंग्यात्मक रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया।
गुरमीत कड़ियालवी ने उनके जीवन, उपलब्धियों तथा उपन्यास और कहानी लेखन में योगदान पर प्रकाश डाला। दविंदर गिल ने के.एल. गर्ग द्वारा संचालित हास्य-व्यंग्य अकादमी को मजबूती से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जसवीर कलसी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। वरिष्ठ साहित्यकार जोध सिंह ने कहा कि के.एल. गर्ग उम्र में उनसे छोटे होने के बावजूद उनके लिए गुरु के समान थे। गुरमेल बौड़े ने कहा कि मोगा की धरती ने व्यंग्य साहित्य का एक अनमोल हीरा खो दिया है। मोही अमरजीत सिंह ने उनके निधन को कभी न पूरा होने वाला नुकसान बताया, जबकि विजय कुमार ने उनकी स्मृति में पुस्तकालय स्थापित करने की जरूरत पर बल दिया।