
हमीरपुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर भाजपा की तीसरी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद युवा नेता के रूप में उभरे हैं। संसद के भीतर विपक्षी दलों को उनके तर्कों और आंकड़ों से घेरने में वह बेहद माहिर हैं। उनकी इसी विधायी दक्षता के कारण उन्हें वर्ष 2019 में ‘संसद रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार लोकसभा पहुंचेअनुराग सिंह ठाकुर आज देश के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हैं, जिनकी पहचान हिमाचल की सीमाओं से निकलकर कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से पूर्वोत्तर तक स्थापित हो चुकी है। 24 अक्तूबर को 52वें वर्ष में प्रवेश कर रहे अनुराग ठाकुर भारतीय जनता पार्टी की तीसरी पीढ़ी के सबसे मुखर, प्रभावशाली और भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते हैं।
विधानसभा चुनावों में युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता के कारण पार्टी आलाकमान उन्हें हर राज्य में स्टार प्रचारक की अग्रिम पंक्ति में रखता है। पिछले दो दशकों में संगठन और सरकार के स्तर पर अनुराग ठाकुर ने हर दायित्व को प्रभावी ढंग से निभाया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दो कार्यकालों के दौरान कोलकाता से लाल चौक (कश्मीर) तक ऐतिहासिक ‘तिरंगा यात्रा’ का नेतृत्व करना हो या संसद के भीतर आक्रामक तर्कों से विपक्ष को घेरना, उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अत्यंत विश्वस्त नेताओं में शामिल अनुराग ठाकुर को मोदी 3.0 की शुरुआत में लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा शुरू करने का अहम दायित्व सौंपा गया। ्
वर्ष 2008 के उपचुनाव में पहली बार सांसद बनने के बाद से हमीरपुर की जनता लगातार उन पर भरोसा जता रही है।
संसदीय कार्यप्रणाली में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2019 में ‘संसद रत्न’ पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही, 2016 में वे प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में नियमित अधिकारी (लेफ्टिनेंट) के रूप में कमीशन पाने वाले पहले सेवारत भाजपा सांसद बने, जहां बाद में वे कैप्टन के पद पर पदोन्नत हुए। राजनीति, संगठन, खेल प्रशासन और संसदीय बहसों में समान दक्षता रखने वाले अनुराग ठाकुर आज भारतीय राजनीति में एक परिपक्व और बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं।
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