Last Updated: October 27, 2026

Dainik Savera Times Logo

इजरायल में संसदीय चुनाव के लिए मतदान आज, नेतन्याहू और आइजनकोट के बीच मुकाबला

October 27, 2026

इजरायल में संसदीय चुनाव के लिए मतदान आज, नेतन्याहू और आइजनकोट के बीच मुकाबला

तेल अवीव। इजरायल में मंगलवार को संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। 73 लाख लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिनमें से 5 लाख से अधिक युवा पहली बार अपना वोट डालेंगे।

सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत

वर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मुकाबला पूर्व सेना प्रमुख आइजनकोट से है। दोनों सेना से जुड़े रहे हैं और अपने करीबी जनों को जंग में खो चुके हैं। नेतन्याहू ने भाई योनातन को 1976 में युगांडा के एंटेबे में बंधकों को छुड़ाने के अभियान में मारे गए तो 7 अक्टूबर के हमास हमलों में आइजनकोट ने अपना बेटा खोया। बात करें इजरायली संसद की तो यहां कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है। देश के 76 साल के इतिहास में आज तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं किया है।

भारत में इजरायली दूतावास की प्रवक्ता मिशेल सिरोटा ने बताया कि इजरायल में लोग किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि पार्टी को चुनते हैं। चुनाव से पहले हर दल अपने दावेदारों की एक सूची बनाता है। पूरे देश में पार्टी को मिले वोटों के आधार पर तय होता है कि उसे संसद में कितनी सीटें मिलेंगी। इजरायल की चुनावी प्रक्रिया ऐसी है कि किसी पार्टी को कुल वैध वोटों में से 3.25 फीसदी वोट हासिल करने होते हैं। इससे कम वोट मिलने पर दल को संसद में कोई सीट नहीं मिलती।

‘…तो 90 दिनों के भीतर फिर से मतदान होगा’

मतों की गिनती के बाद राष्ट्रपति तय करेंगे कि किस पार्टी को गठबंधन बनाने का मौका दिया जाए। उनके पास गठबंधन बनाने और आम सहमति जुटाने के लिए 28 दिन का समय होगा। 28 दिनों के बीच वे अन्य पार्टियों को अपने साथ गठबंधन में शामिल होने के लिए मना सकते हैं। अगर वे सफल नहीं होते हैं, तो दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को गठबंधन बनाने का मौका मिलेगा और अगर ऐसा भी नहीं हो पाता है, तो 90 दिनों के भीतर फिर से मतदान होगा।

इस बीच इजरायल से जो तस्वीर आ रही है उसके मुताबिक छह में से चार ओपिनियन पोल में आइजनकोट गठबंधन को ज्यादा सीटें दी गई हैं। वहीं नेतन्याहू के गठबंधन को एक में बढ़त और दूसरे में बहुमत मिलती दिख रही है। 7 अक्टूबर 2023 के बाद शुरू हुए तीन साल के क्षेत्रीय युद्धों के साए में इजरायली नागरिक वोट डालेंगे। लोगों के लिए आंतरिक सुरक्षा, हरेदी समुदायों को सैन्य मामलों में विशेष छूट जैसे मुद्दे अहम हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें