
जालंधर: वर्ल्ड स्ट्रोक डे के मौके पर फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टरों का एक ग्रुप आज पंजाब प्रेस क्लब जालंधर पहुंचा, जहां उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल की बीमारियों और अचानक स्ट्रोक आने पर किए जाने वाले ज़रूरी उपायों के बारे में जानकारी शेयर की। डॉक्टरों ने लोगों को बताया कि दिल की बीमारियों और स्ट्रोक जैसी गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम होने पर, लक्षणों की समय पर पहचान और तुरंत मेडिकल मदद बहुत ज़रूरी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जो दिमाग में ब्लड सप्लाई में रुकावट या दिमाग में खून की नस फटने से हो सकती है। इसके लक्षणों में चेहरे का एक तरफ का हिस्सा अचानक झुक जाना, हाथ या पैर में कमज़ोरी, बोलने या समझने में दिक्कत, और अचानक नज़र या बैलेंस पर असर पड़ना शामिल हैं।
डॉक्टरों ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखें, तो उसे बिना देर किए हॉस्पिटल ले जाना चाहिए। ऐसे मरीज़ को घरेलू नुस्खों से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और न ही डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा देनी चाहिए। स्ट्रोक के मरीज़ को जितनी जल्दी सही इलाज मिलेगा, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ही बेहतर हो सकती है।
इसके साथ ही, डॉक्टरों ने दिल की बीमारियों से बचने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उनके मुताबिक, बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज़, ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल में रखना, स्मोकिंग से दूर रहना और समय-समय पर हेल्थ चेक-अप करवाना दिल की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि वे दिल की बीमारियों और स्ट्रोक के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और ऐसी इमरजेंसी में तुरंत मेडिकल मदद लें। उन्होंने कहा कि लोगों में हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाकर कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है।