Last Updated: October 30, 2026

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‘जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा करता रहूंगा’, खरगे के ‘बाप भी जाएगा’ बयान पर विवाद के बीच बोले पीएम मोदी

October 30, 2026

‘जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा करता रहूंगा’, खरगे के ‘बाप भी जाएगा’ बयान पर विवाद के बीच बोले पीएम मोदी

बनासकांठा (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने जीवन के आखिरी क्षण तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ वाले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर खरगे के बयान का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

‘कुछ लोगों को देश की तरक्की अच्छी नहीं लगती’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश का हर युवा विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहा है। लेकिन कुछ लोगों को देश की तरक्की और विकास पसंद नहीं आ रहा है। ऐसे लोग चाहते हैं कि देश मुश्किलों में घिरा रहे। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि जब भी देश के सामने कोई चुनौती आती है, तो कुछ राजनीतिक दल उसका समाधान निकालने के बजाय अफवाहें फैलाने में जुट जाते हैं।

उन्होंने ईरान और खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत इस अंतरराष्ट्रीय संकट का एकजुट होकर सामना कर रहा है, तब कुछ लोग देश में डर और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद की कमी होने का डर दिखाया गया। वहीं, महिलाओं को यह कहकर डराया गया कि रसोई गैस नहीं मिलेगी और वे खाना कैसे बनाएंगी। बच्चों की पढ़ाई और स्कूल जाने को लेकर भी लोगों के मन में डर पैदा करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सबका मकसद सिर्फ मोदी सरकार को बदनाम करना था।

‘मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है सरकार’

पीएम मोदी ने किसानों और देशवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध और तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है, लेकिन सरकार ने देश के किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। दुनिया भर में उर्वरकों की कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकार ने इसका आर्थिक बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री ने खाद की कीमतों का उदाहरण देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की एक बोरी करीब 3,000 रुपये में मिलती है, जबकि भारत में किसानों को यह लगभग 300 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है।

इसी तरह, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की एक बोरी की कीमत 5,000 रुपये से अधिक है, लेकिन भारत के किसानों को यह बोरी 1,350 रुपये में दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है, ताकि खेती की लागत कम रहे और किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त, 18 हजार करोड़ रुपये जारी

प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए सरकार की योजनाओं और आर्थिक सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में यूरिया की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को खाद के संकट से बचाने के लिए करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पीएम मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में किसानों को धान और गेहूं की फसल के लिए कुल 24 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

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