Last Updated: November 2, 2026

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मोगा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, 4 सीटर ई-रिक्शा में 12 से अधिक बच्चे ढो रहे चालक

November 2, 2026

मोगा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, 4 सीटर ई-रिक्शा में 12 से अधिक बच्चे ढो रहे चालक

मोगा। शहर में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले कुछ ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। यातायात नियमों को ताक पर रखकर चार सवारियों की क्षमता वाले ई-रिक्शा में 12 से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कई बच्चों को चालक की सीट के आसपास खड़ा करके भी ले जाया जाता है। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, वाहन के अनियंत्रित होने या किसी अन्य वाहन से टक्कर होने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

शहर के विभिन्न इलाकों में सुबह स्कूल खुलने और दोपहर छुट्टी के समय ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाने और घर छोड़ने की जल्दबाजी में कुछ चालक निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को एक साथ बैठा लेते हैं। ई-रिक्शा में जगह कम होने के कारण बच्चों को एक-दूसरे से सटकर बैठना पड़ता है, जबकि कुछ बच्चे किनारों और चालक के पास खड़े नजर आते हैं। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि चालक का ध्यान भी भटक सकता है।

हादसा हुआ तो जिम्मेदारी कौन लेगा?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ओवरलोड ई-रिक्शा अचानक पलट जाए या रास्ते में किसी वाहन से टकरा जाए तो बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने से उनके गिरने और चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों के मामले में ऐसी लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर बच्चों को एक साथ ले जाने का सिलसिला चिंता का विषय बना हुआ है।

ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

स्कूलों के आसपास और प्रमुख सड़कों पर इस तरह के ई-रिक्शा दिखाई देने के बावजूद यातायात व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जरूरत है कि स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

अभिभावक और स्कूल प्रबंधन भी निभाएं जिम्मेदारी

बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की भी जिम्मेदारी है। कम किराये के लालच में बच्चों को असुरक्षित वाहन में भेजना उचित नहीं है। प्रशासन को समय रहते इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर रोक लगे और स्कूली बच्चों का सफर सुरक्षित बनाया जा सके।

📍 Location: मोगा

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