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शख्स का अनोखा कारनामा, पुराने सिम कार्ड से निकाला 192 ग्राम सोना

viral news

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वायरल न्यूज: आमतौर पर लोग खराब या पुराने सिम कार्ड को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन चीन के एक व्यक्ति ने इन्हीं पुराने सिम कार्ड्स से सोना निकालकर सभी को चौंका दिया है। इस अनोखे प्रयोग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग पुराने सिम कार्ड खरीदने में भी रुचि दिखाने लगे हैं। हालांकि, इस शख्स ने खुद लोगों को चेतावनी दी है कि यह काम आम लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस व्यक्ति का नाम किआओ बताया गया है, जो चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के हुइझोउ शहर का रहने वाला है। किआओ ने 20 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह पुराने सिम कार्ड से सोना निकालते हुए नजर आया। वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

2 टन ई-वेस्ट से निकाला करीब 192 ग्राम सोना

वीडियो में दिखाया गया है कि किआओ पुराने सिम कार्ड्स को एक केमिकल से भरे ड्रम में डालता है। इसके बाद कई रासायनिक प्रक्रियाओं से गुजरने, धोने और जलाने के बाद वह सोना अलग करता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद किआओ ने करीब 191.73 ग्राम सोना निकाला। इस सोने की कीमत लगभग 2 लाख युआन यानी भारतीय मुद्रा में करीब 26.5 लाख रुपये बताई जा रही है।

सिम कार्ड में क्यों होता है सोना?

चीनी मीडिया से बातचीत में किआओ ने बताया कि उसने यह सोना लगभग 2 टन ई-वेस्ट से निकाला है, जिसमें पुराने सिम कार्ड के अलावा खराब इलेक्ट्रॉनिक चिप्स भी शामिल थीं। सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के कुछ हिस्सों पर सोने की पतली परत चढ़ी होती है, ताकि वे जल्दी खराब न हों और बेहतर तरीके से काम कर सकें।

 

सिम कार्ड में कितना सोना होता है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सिम कार्ड में लगभग 0.001 ग्राम तक सोना हो सकता है। इसी तरह बैंक कार्ड की चिप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी बहुत कम मात्रा में सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

लोगों को क्यों किया सावधान?

किआओ ने साफ तौर पर कहा है कि सिम कार्ड या चिप से सोना निकालने की प्रक्रिया बेहद जटिल होती है। इसमें खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। यह काम केवल प्रशिक्षित और अनुभवी लोगों को ही करना चाहिए। कई देशों में इस तरह की प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत भी मानी जाती है।

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