Last Updated: September 21, 2026

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इस शहर में मांस-अंडा खाने और बेचने पर है पूर्ण रोक, जानें क्या है वजह

March 5, 2026

इस शहर में मांस-अंडा खाने और बेचने पर है पूर्ण रोक, जानें क्या है वजह

अजब-गजब: भारत के अधिकतर शहरों में मांस, मछली और अंडा आम खानपान का हिस्सा हैं। लेकिन देश में एक ऐसा शहर भी है, जहां नॉनवेज खाना और बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां न सिर्फ मांस और मछली, बल्कि अंडे की बिक्री भी कानूनन अपराध मानी जाती है। यह कोई अफवाह नहीं, बल्कि सरकारी आदेश से लागू नियम है। धार्मिक कारणों की वजह से इस शहर को पूरी तरह शाकाहारी घोषित किया गया है।

यह शहर है पालीताना, जो गुजरात के भावनगर जिले में स्थित है। पालीताना को दुनिया का ऐसा शहर माना जाता है, जहां मांस, मछली और अंडे की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक है। शहर की सीमा के अंदर कोई भी व्यक्ति नॉनवेज से जुड़ा कारोबार नहीं कर सकता। यहां मांस की दुकान खोलना, अंडे बेचना या पशु वध करना प्रतिबंधित है।

इस फैसले के पीछे साल 2014 का एक बड़ा आंदोलन जुड़ा है। उस समय करीब 200 से ज्यादा जैन संतों ने पालीताना में पशु वध और मांस बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर अनशन शुरू किया था। उनका कहना था कि पालीताना जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है और यहां अहिंसा के सिद्धांत का सख्ती से पालन होना चाहिए। जैन समुदाय के इस आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। इसके बाद शहर की सीमा के भीतर पशु वध और मांस बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया और पालीताना को आधिकारिक रूप से शाकाहारी क्षेत्र घोषित कर दिया गया।

शहर में नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाती है। अगर कोई व्यक्ति या दुकानदार मांस, मछली या अंडे की बिक्री करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना या अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन समय-समय पर जांच भी करता है ताकि इन नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

पालीताना जैन धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां शत्रुंजय पहाड़ी पर 800 से अधिक जैन मंदिर बने हुए हैं, जो देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र हैं। धार्मिक महत्व के कारण यहां अहिंसा और शाकाहार को विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि यह प्रतिबंध पूरे गुजरात राज्य में लागू नहीं है। राज्य के अन्य शहरों में मांस और अंडे की बिक्री सामान्य रूप से होती है। पालीताना एक विशेष मामला है, जहां स्थानीय धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों और व्यापारियों को स्थानीय नियमों की जानकारी रखना और उनका पालन करना जरूरी है।

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