क्या आपने कभी सोचा है कि मतदान खत्म होने के बाद EVM मशीनों का क्या होता है? चुनाव के दिन वोट डालने के बाद हम घर लौट आते हैं लेकिन असली जिम्मेदारी उसके बाद शुरू होती है। हर वोट सुरक्षित रहे इसमें कोई छेड़छाड़ न हो- इसके लिए बेहद सख्त और कई लेयर वाली सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है।
भारत में यह पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की निगरानी में होती है जो सुनिश्चित करता है कि हर वोट सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से गिना जाए।
वोटिंग खत्म होते ही क्या होता है
जैसे ही मतदान समाप्त होता है पोलिंग अधिकारी EVM मशीन को बंद करते हैं और उसे सील कर दिया जाता है। इस दौरान उम्मीदवारों के एजेंट भी वहां मौजूद रहते हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। मशीन को सील करते समय खास टैग और सिग्नेचर लगाए जाते हैं, जिससे बाद में किसी तरह की छेड़छाड़ का पता चल सके।
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EVM मशीन कहां रखी जाती है
वोटिंग के बाद EVM मशीनों को सीधे “स्ट्रॉन्ग रूम” में रखा जाता है। यह स्ट्रॉन्ग रूम आम तौर पर किसी सुरक्षित सरकारी भवन या काउंटिंग सेंटर के अंदर बनाया जाता है। यहां सिर्फ अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है।
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कितनी कड़ी होती है
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कई स्तरों पर की जाती है। सबसे पहले कमरे को सील किया जाता है और उस पर उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के भी सिग्नेचर होते हैं। इसके बाद वहां 24 घंटे सुरक्षा बल तैनात रहते हैं। इसके अलावा CCTV कैमरों से लगातार निगरानी होती है और हर गतिविधि रिकॉर्ड की जाती है।
उम्मीदवारों को भी दी जाती है निगरानी की सुविधा
चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों को भी स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर निगरानी की अनुमति होती है। वे वहां बैठकर लगातार नजर रख सकते हैं कि मशीनों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।
काउंटिंग के दिन क्या होता है
मतगणना के दिन स्ट्रॉन्ग रूम को अधिकारियों और उम्मीदवारों की मौजूदगी में खोला जाता है। सील को जांचा जाता है और अगर सब कुछ सही पाया जाता है तभी EVM मशीनों को काउंटिंग के लिए बाहर निकाला जाता है।
क्या इस दौरान कोई छेड़छाड़ संभव है?
सुरक्षा के इतने स्तर होने की वजह से EVM मशीनों के साथ छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल होता है। हर कदम पर रिकॉर्ड और निगरानी होती है जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।
वोट डालने के बाद भी EVM मशीनों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जाती है। स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर काउंटिंग तक हर प्रक्रिया को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जनता का विश्वास बना रहे और चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।

