बारिश और तूफान के मौसम में जब आसमान में तेज बिजली चमकती है, तो कई लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है- अगर उड़ते हुए हवाई जहाज पर बिजली गिर जाए तो क्या होगा? क्या विमान को नुकसान पहुंच सकता है? क्या यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है?
यह सवाल बिल्कुल स्वाभाविक है क्योंकि जमीन पर बिजली गिरने की घटनाएं कई बार गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। लेकिन हवाई जहाज के मामले में स्थिति थोड़ी अलग होती है।
क्या सच में हवाई जहाज पर बिजली गिरती है?
हां, यह पूरी तरह संभव है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यावसायिक विमान अपने संचालन काल में कई बार बिजली गिरने की घटना का सामना कर सकता है। अनुमान है कि दुनिया भर में कई विमानों पर हर साल बिजली गिरती है, लेकिन इसके बावजूद गंभीर दुर्घटनाएं बेहद दुर्लभ होती हैं।
दरअसल आधुनिक हवाई जहाजों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे बिजली गिरने जैसी परिस्थितियों को सुरक्षित रूप से झेल सकें।
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बिजली गिरने पर विमान के साथ क्या होता है?
जब बिजली किसी विमान से टकराती है तो वह आमतौर पर विमान के एक हिस्से से प्रवेश करती है और दूसरे हिस्से से बाहर निकल जाती है। इस दौरान विद्युत धारा विमान की बाहरी सतह से होकर गुजरती है। इसे अक्सर “फैराडे केज प्रभाव” (Faraday Cage Effect) से समझाया जाता है। विमान का बाहरी ढांचा बिजली को अपने ऊपर से प्रवाहित कर देता है, जिससे उसके अंदर मौजूद यात्री और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सुरक्षित रहते हैं।
क्या यात्रियों को झटका महसूस होता है?
ज्यादातर मामलों में यात्रियों को यह भी पता नहीं चलता कि विमान पर बिजली गिरी है। कभी-कभी तेज चमक दिखाई दे सकती है या हल्का झटका महसूस हो सकता है लेकिन यह सामान्य तौर पर खतरनाक नहीं होता। विमान के महत्वपूर्ण सिस्टम कई स्तर की सुरक्षा के साथ बनाए जाते हैं ताकि बिजली गिरने पर भी उनका संचालन प्रभावित न हो।
क्या विमान को कोई नुकसान पहुंचता है?
अधिकांश मामलों में विमान को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। हालांकि एहतियात के तौर पर लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच की जाती है। इंजीनियर यह सुनिश्चित करते हैं कि विमान की बाहरी सतह, सेंसर और अन्य सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं। अगर कहीं मामूली क्षति दिखाई देती है तो उसे ठीक करने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान के लिए अनुमति दी जाती है।
क्या बिजली गिरने से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है?
आधुनिक विमानन में यह संभावना बेहद कम मानी जाती है। पिछले कई दशकों में विमान निर्माण तकनीक और सुरक्षा मानकों में काफी सुधार हुआ है। इसी वजह से बिजली गिरना अब विमानन उद्योग में एक प्रबंधनीय जोखिम माना जाता है न कि असाधारण खतरा। पायलट भी मौसम संबंधी जानकारी लगातार प्राप्त करते रहते हैं और जहां संभव हो तेज तूफानी बादलों वाले क्षेत्रों से बचकर उड़ान भरते हैं।
क्या विमान में विशेष सुरक्षा व्यवस्था होती है?
हां। विमान की बाहरी संरचना, ईंधन टैंक, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और संचार उपकरणों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे बिजली गिरने की स्थिति में भी सुरक्षित रहें। उड़ान से पहले और बाद में नियमित जांच भी की जाती है ताकि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो।
हवाई जहाज पर बिजली गिरना सुनने में डरावना लग सकता है लेकिन आधुनिक विमानों को ऐसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है। ज्यादातर मामलों में बिजली विमान की बाहरी सतह से होकर गुजर जाती है और यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। यही कारण है कि बिजली गिरने की घटनाओं के बावजूद हवाई यात्रा दुनिया के सबसे सुरक्षित परिवहन साधनों में गिनी जाती है।

