
इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के उत्तर वजीरिस्तान जिले में शनिवार को एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ। इस हमले में पाकिस्तान सेना के 13 जवानों की मौत हो गई, जबकि 10 सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा 19 आम नागरिक भी घायल हुए हैं।
कैसे हुआ हमला?
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी को सेना के काफिले में घुसा दिया। जबरदस्त धमाका हुआ, जिससे कई सैनिक मौके पर ही मारे गए। धमाके से आसपास के घर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दो घरों की छतें गिर गईं, जिसमें 6 बच्चे घायल हो गए।
अब तक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, उत्तर वजीरिस्तान पाकिस्तान का एक अशांत इलाका है, जहां पहले भी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे आतंकी संगठन सक्रिय रहे हैं।
पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमले
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकी हमले तेजी से बढ़े हैं। दिसंबर 2024 में अफगानिस्तान सीमा के पास एक हमले में 16 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। जनवरी 2025 में बलूच लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान के केच इलाके में 35 हमले करने का दावा किया, जिनमें 94 सैनिकों की मौत हुई। जून 2025 में ग्वादर में बलोच आर्मी के हमले में 16 सैनिक मारे गए।
पाक सेना की कार्रवाई
मार्च 2025 में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उसने टीटीपी से जुड़े 10 संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई उस आत्मघाती हमले के बाद की गई थी, जिसमें दक्षिण वजीरिस्तान में सेना की चेकपोस्ट को निशाना बनाया गया था।