2 Crore fraud exposed : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक रिटायर्ड नौसेना अधिकारी के साथ 2 करोड़ 8 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि ठगी को एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह ने अंजाम दिया था, जिसे दुबई और हांगकांग से चलाया जा रहा था।
ऐसे हुई थी ठगी की शुरुआत
कोतवाली देहात क्षेत्र के लालपुर निवासी रिटायर्ड नौसेना अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने 1 मई को साइबर थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को शेयर बाजार सलाहकार बताने वाली एक महिला ने संपर्क किया। पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे अधिकारी का भरोसा जीत लिया गया।
इसके बाद उन्हें ‘BN Fast Track’ नामक एक फर्जी ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। इस ऐप पर डैशबोर्ड के जरिए नकली मुनाफा दिखाकर भूपेंद्र सिंह से 51 बार में कुल 2.08 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जब उन्होंने मुनाफा निकालना चाहा, तो ब्रोकरेज शुल्क के नाम पर 50 लाख रुपये और मांगे गए। तभी उन्हें ठगी का शक हुआ।
गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने प्रेस वार्ता में बताया कि संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपी इन स्थानों के निवासी हैं:
नासिर अली – सीलमपुर, दिल्ली
दानिश – भजनपुरा, दिल्ली
नईम अहमद – मुरादाबाद
विराट – मुरादाबाद
मो. रजा हसन – लखनऊ
अब्दुला – काशीपुर, उत्तराखंड
इनके पास से 3 लाख रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, वेबकैम, चेकबुक, 13 फर्जी पहचान पत्र और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने अब तक 17 लाख रुपये फ्रीज किए हैं और 2 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस भेजे जा चुके हैं।
दुबई-हांगकांग से जुड़ा है नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली के विभिन्न होटलों से ऑपरेट करता था और फर्जी कंपनियों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर करता था। इन खातों से ठगी की रकम तुरंत निकालकर अंतरराष्ट्रीय खातों में भेज दी जाती थी। इस पूरे नेटवर्क का संचालन चार्ल्स, शमीम और एरीज नामक लोग दुबई और हांगकांग से कर रहे हैं।
एसपी अभिषेक झा के अनुसार, 15-16 अन्य संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
बढ़ती ऑनलाइन ठगी पर चिंता
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे शिक्षित और जागरूक लोग भी आज के दौर में साइबर ठगों का शिकार बन सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अज्ञात व्हाट्सएप ग्रुप, निवेश ऐप और ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहें और किसी भी संदेह की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
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