Last Updated: October 18, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘PAK के 81% सैन्य हार्डवेयर चीनी मूल के, लाइव लैब के रूप में इस्तेमाल कर रहा था चीन’, ऑपरेशन सिंदूर पर डिप्टी सीओएएस

July 4, 2025

‘PAK के 81% सैन्य हार्डवेयर चीनी मूल के, लाइव लैब के रूप में इस्तेमाल कर रहा था चीन’, ऑपरेशन सिंदूर पर डिप्टी सीओएएस

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली सीखों पर डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने शुक्रवार को अहम बातें साझा की। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन आधुनिक युद्ध की जटिलताओं और सैन्य अभियानों में वायु रक्षा और तकनीकी उन्नति की अहमियत को उजागर करता है। फिक्की द्वारा आयोजित ‘न्यू एज मिलिट्री टेक्नोलॉजीज’ कार्यक्रम में बोलते हुए डिप्टी सीओएएस ने पाकिस्तान-चीन गठबंधन को लेकर भी अपनी राय रखी और इस संघर्ष से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।

“एक सीमा, तीन दुश्मन”- पाकिस्तान, चीन और उनकी साझेदारी

लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह ने कहा कि भारत के पास “एक सीमा पर दो विरोधी” हैं, जहां पाकिस्तान मुख्य रूप से सामने है और चीन हर संभव सहायता दे रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य बेड़े का जिक्र करते हुए बताया कि पाकिस्तान के 81% हार्डवेयर चीनी हैं। डिप्टी सीओएएस ने यह भी बताया कि पाकिस्तान के पास भारत के प्रमुख सैन्य वेक्टरों के बारे में “लाइव अपडेट” थे, और यह चीन की मदद से हो रहा था। तुक्रिए ने भी पाकिस्तान की मदद की, वह भी उसके साथ था।

चीन के हथियारों का परीक्षण: एक जीवित प्रयोगशाला

जनरल राहुल आर सिंह ने यह भी कहा कि चीन अपने हथियारों का परीक्षण दूसरे देशों के हथियारों के खिलाफ करता है, और इस प्रकार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन के समर्थन से पाकिस्तान के लिए यह एक “जीवित प्रयोगशाला” जैसा था। उन्होंने यह बताया कि तुर्की ने भी पाकिस्तान को ड्रोन जैसी तकनीकें दीं, जैसे बेराकटर, जो पाकिस्तान को एक रणनीतिक फायदा दे रही थीं।

वायु रक्षा प्रणाली की अहमियत

डिप्टी सीओएएस ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में भारत को एक मजबूत वायु रक्षा प्रणाली की जरूरत है, खासकर जब पाकिस्तान और चीन दोनों ही हमारे खिलाफ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हों। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वायु रक्षा और उसके संचालन का बहुत महत्व था, और अगली बार हमें इसे लेकर पूरी तरह से तैयार रहना होगा।

सटीक लक्ष्यों पर हमले और रणनीतिक संदेश

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना द्वारा आतंकवादी ढांचों पर किए गए सटीक हमलों की डिप्टी सीओएएस ने सराहना की। उन्होंने बताया कि लक्ष्य चयन और योजना में तकनीकी और मानव खुफिया का एक महत्वपूर्ण योगदान था। कुल 21 लक्ष्यों में से, 9 ऐसे लक्ष्य थे जिन पर हमला करना समझदारी साबित हुआ। यह निर्णय अंतिम घंटे में लिया गया, और यह पूरी तरह से एक सुविचारित कदम था।

एकीकृत बल के रूप में तीनों सेनाओं का दृष्टिकोण

जनरल राहुल ने यह भी बताया कि इस ऑपरेशन में तीनों सेनाओं ने एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि भारतीय सेना एक पूरी तरह से एकजुट बल है। उन्होंने कहा, “हमें हमेशा वृद्धि की सीढ़ी के शीर्ष पर रहना चाहिए और जब हम किसी सैन्य लक्ष्य पर पहुँचते हैं, तो हमें उसे रोकने की कोशिश करनी चाहिए। युद्ध शुरू करना आसान होता है, लेकिन इसे नियंत्रित करना मुश्किल है।”

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें