Last Updated: November 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

झारखंड में प्राइवेट स्कूलों की ‘मनमानी’ पर सरकार की सख्ती, 78 स्कूलों को भेजा नोटिस

April 2, 2025

झारखंड में प्राइवेट स्कूलों की ‘मनमानी’ पर सरकार की सख्ती, 78 स्कूलों को भेजा नोटिस

रांची: झारखंड सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने फीस वृद्धि, री-एडमिशन के नाम पर पैसे वसूलने, स्कूल द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताबें खरीदने की शर्त लगाने जैसी शिकायतों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर 50,000 रुपये से 2.50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। मंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने उनके गृह जिले पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के 78 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों में सरकारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक की ओर से जारी नोटिस में इन विद्यालयों के प्रबंधन को तीन अप्रैल तक जवाब देने को कहा गया है। विद्यालयों को जारी नोटिस में झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि विद्यालय भवन, संरचना या परिसर का उपयोग केवल शिक्षा के उद्देश्य से किया जाएगा तथा विद्यालय परिसर में शिविर लगाकर अभिभावकों या छात्रों को पुस्तकें या अन्य सामग्री (यूनिफॉर्म-जूते) खरीदने के लिए बाध्य या प्रेरित नहीं करने का निर्देश है।

इसके बावजूद स्कूल परिसर का उपयोग किताबें बेचने के लिए किया जा रहा है। कई स्कूलों में तय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए नए सत्र से फीस बढ़ोतरी की भी शिकायतें मिली हैं। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के प्रबंधन से पिछले तीन वर्षों में फीस संरचना और उसमें हुई वृद्धि का रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्कूल स्तरीय फीस निर्धारण समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है, लेकिन कुछ स्कूल इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि सभी जिलों के आयुक्तों और उपायुक्तों को पत्र लिखकर झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के आलोक में फीस समितियों का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। स्कूल स्तर पर फीस निर्धारण के लिए गठित समिति में प्राचार्य, सचिव, स्कूल प्रबंधन द्वारा नामित तीन शिक्षक और शिक्षक संघ द्वारा नामित बच्चों के चार अभिभावक शामिल होंगे। स्कूल प्रबंधन को फीस निर्धारण एजेंडा और बैठक की जानकारी एक सप्ताह पहले देनी होगी।

ये भी पढ़ें: रात में मुनक्का खाना क्यों है फायदेमंद? जान लें कारण और सही तरीका 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें