नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने की। बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, एल मुरगन और बीजेपी के कई सांसद शामिल हुए। दरअसल, कल (21 जुलाई) से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र की तैयारियों को लेकर ही आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बार के सत्र में केंद्र सरकार 8 नए विधेयक (बिल) पेश करने की योजना बना रही है।
बैठक का उद्देश्य क्या है?
सरकार ने यह बैठक सभी राजनीतिक दलों के साथ संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सुचारु संचालन के लिए बुलाई है। सरकार चाहती है कि मानसून सत्र शांतिपूर्वक और उत्पादक ढंग से चले।
#WATCH | Delhi: All-party meeting ahead of the Monsoon session of Parliament to begin shortly. The Parliament session begins tomorrow, 21st July. pic.twitter.com/4YhyX5Pwzt
— ANI (@ANI) July 20, 2025
बैठक में विपक्ष के ये नेता हुए शामिल
कांग्रेस: गौरव गोगोई, जयराम रमेश, एनसीपी (शरद पवार गुट) सुप्रिया सुले, डीएमके टी.आर. बालू, आरपीआई (ए) रामदास अठावले, AIADMK थंबी दुरई, शिवसेना (शिंदे गुट) श्रीकांत शिंदे, वामपंथी पार्टियां, समाजवादी पार्टी (सपा), वाईएसआर कांग्रेस, जेडीयू के नेता भी शामिल हुए।
आप पार्टी ने क्या मुद्दे उठाए?
आप सांसद संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन मुद्दे उठाए जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति का सीजफायर बयान – सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए। दिल्ली में झुग्गियों को तोड़ा गया – इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। बिहार में SIR की कार्रवाई यह बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जवाब नहीं देगी तो संसद के अंदर और बाहर आवाज उठाई जाएगी।
सरकार सभी जरूरी मुद्दों पर चर्चा को तैयार…
किरन रिजिजू ने मीडिया को बताया सरकार सभी जरूरी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है। उन्होंने विपक्ष के नेताओं से हाल ही में अच्छी बातचीत की है। एक संसदीय मंत्री होने के नाते वह सभी दलों से संवाद बनाए रखना अपना कर्तव्य मानते हैं।
21 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
-सत्र शुरू होगा: 21 जुलाई 2025
-सत्र समाप्त होगा: 21 अगस्त 2025
-कुल बैठकें: 21
-12 अगस्त से 18 अगस्त के बीच कोई बैठक नहीं होगी।
कौन-कौन से विधेयक लाए जाएंगे?
सरकार जिन 8 विधेयकों को पेश करने जा रही है, उनमें प्रमुख हैं राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष संरक्षण विधेयक, खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक और अन्य चार विधेयक भी शामिल है।