नेशनल डेस्क : 15 मई को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर की राजधानी दोहा में एक बिजनेस कार्यक्रम के दौरान Apple के CEO टिम कुक को लेकर एक बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने टिम कुक से साफ तौर पर कहा है कि भारत में कोई फैक्ट्री तभी बनाएं जब उसका उत्पादन सिर्फ भारतीय बाजार के लिए हो। ट्रंप ने कहा, “हमें इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि आप भारत में उत्पादन करें। वे (भारत) अपना ध्यान खुद रख सकते हैं।” आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
“अमेरिकी उत्पादों पर कोई टैरिफ नहीं”
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी बताया कि भारत ने अमेरिका के साथ एक व्यापारिक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अमेरिकी उत्पादों पर कोई आयात शुल्क (टैरिफ) नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, “भारत ने हमें एक डील ऑफर की है जिसमें वे कोई टैरिफ नहीं लगाने को तैयार हैं।” यह डील अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकती है, खासकर तब जब कई देशों के साथ ट्रेड वॉर चल रहे हैं।
Apple की भारत में मैन्युफैक्चरिंग की योजना
गौरतलब है कि Apple पहले से ही चीन से अपने प्रोडक्शन का एक बड़ा हिस्सा भारत में शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के अंत तक Apple अमेरिका में बिकने वाले अधिकांश iPhones का निर्माण भारत में करना चाहता है। फिलहाल अमेरिका में बिकने वाले करीब 80% iPhones चीन में बनाए जाते हैं, जबकि Apple सालाना 60 मिलियन से अधिक iPhones अमेरिका में बेचता है।
भारत में निर्माण अब भी महंगा, लेकिन जरूरी
भारत में iPhone बनाना फिलहाल चीन की तुलना में 5–10% तक महंगा है। इसके बावजूद Apple ने भारत में उत्पादन बढ़ाना शुरू कर दिया है ताकि चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ से बचा जा सके। मार्च 2025 में ही Apple ने भारत से 600 टन iPhones अमेरिका भेजे, जिनकी कुल कीमत 2 बिलियन डॉलर थी। इनमें से अकेले Foxconn ने 1.3 बिलियन डॉलर के iPhones भेजे।
अमेरिका का टैरिफ पॉलिसी
हाल ही में अमेरिका ने भारत से होने वाले आयात पर 26% ड्यूटी लगाई थी, जो कि चीन से होने वाले आयात (100% ड्यूटी) की तुलना में काफी कम है। हालांकि, अमेरिका ने अब भारत सहित ज्यादातर देशों पर लगाई गई ड्यूटी को 3 महीने के लिए स्थगित कर दिया है। चीन को इस राहत में शामिल नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका अब भी चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
भारत बन रहा है नया उत्पादन केंद्र
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि अमेरिका विदेशों में मैन्युफैक्चरिंग की बजाय घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना चाहता है। वहीं दूसरी ओर, Apple जैसे बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत को एक वैकल्पिक निर्माण केंद्र के रूप में देख रही हैं। भारत में उत्पादन बढ़ाना जहां कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक और टैरिफ के लिहाज से फायदेमंद हो सकता है, वहीं ट्रंप जैसे नेता इसे अमेरिकी हितों के खिलाफ मानते हैं। आने वाले समय में Apple को अपने उत्पादन निर्णयों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों का संतुलन बनाए रखना होगा।
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