नेशनल डेस्क : मणिपुर के इम्फाल पूर्व और पश्चिम जिलों में आई भीषण बाढ़ के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में पानी भर जाने से लोग अपने घरों में फंसे रह गए। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला उपायुक्त की अपील पर भारतीय सेना और असम राइफल्स ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, जिसे “ऑपरेशन जल राहत-2” नाम दिया गया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
सबसे प्रभावित इलाकों में जवानों की तैनाती
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में असम राइफल्स के जवानों को तत्काल तैनात किया गया। इनमें पोरोम्पट, वानखेई, संजेनथोंग, पैलेस कंपाउंड, न्यू चेकॉन, खुरई हेइक्रमाखोंग हेइनांग, सोइबाम लेइकाई, वांगखेई अंगोम लेइकाई और नोंग्मेइबुंग राज बारी जैसे इलाके शामिल हैं। इन स्थानों पर पानी का स्तर इतना बढ़ गया था कि लोग अपने घरों में फंस गए थे और बाहर निकल पाना नामुमकिन हो गया था।

800 लोगों की जान बचाई गई
राहत कार्य के लिए दो बड़ी टीमें गठित की गईं। पहली टीम ने सिंगजामेई से वांगखेई खुनौ में अभियान चलाया और 193 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 85 महिलाएं और 44 बच्चे शामिल थे। दूसरी टीम ने हेइक्रमाखोंग क्षेत्र में काम किया और 182 लोगों को बचाया, जिनमें 90 महिलाएं और 57 बच्चे थे। इम्फाल के अन्य क्षेत्रों से भी 408 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। कुल मिलाकर करीब 800 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिनमें 179 महिलाएं, 92 बच्चे और 10 से 20 दिव्यांग और बुज़ुर्ग लोग शामिल थे।
भोजन, पानी और मेडिकल सहायता की व्यवस्था
असम राइफल्स ने सिर्फ लोगों को सुरक्षित बाहर ही नहीं निकाला, बल्कि तुरंत राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई। सभी प्रभावित लोगों को पेयजल, खाने के पैकेट और प्राथमिक चिकित्सा दी गई। मौके पर ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कई लोगों का इलाज किया, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली।

लापता बच्चों को खोज कर सुरक्षित बचाया
खुरई क्षेत्र से कुछ बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही असम राइफल्स ने फौरन खोज अभियान शुरू कर दिया। दोपहर तक सभी बच्चों को सुरक्षित खोज लिया गया और उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। यह कार्य अत्यंत संवेदनशील और त्वरित प्रतिक्रिया का उदाहरण था।
AIR ऑफिस को भी सुरक्षित खाली कराया गया
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए सुबह-सुबह ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) इम्फाल के निदेशक ने मदद की अपील की। परिसर में अत्यधिक जलभराव हो गया था, जिससे कर्मचारियों और उपकरणों को खतरा था। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए असम राइफल्स ने पूरे परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया और सभी कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों को अन्यत्र पहुंचाया।

स्थिति अब नियंत्रण में, राहत का काम जारी
फिलहाल मणिपुर में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। लेकिन राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है। असम राइफल्स के जवान लगातार तैनात हैं और इस संकट की घड़ी में राज्य के नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। यह अभियान मणिपुर के लोगों के प्रति सेना की जिम्मेदारी और समर्पण का मजबूत उदाहरण है।