नेशनल डेस्क: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक केवल एक विधेयक नहीं है, यह उम्मीद है। इस उम्मीद में एंपावरमेंट, एफीशियंसी और डेवलपमेंट है। इसी कारण आज देश भर के लोग इस विधेयक के समर्थन में हैं।
वक्फ को बदलने का समय आ गया: अनुराग ठाकुर
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कई महत्वपूर्ण संस्थाओं ने इस विधेयक का समर्थन किया है, जिनमें कैथोलिक, बिशप काउंसिल ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरला काउंसिल ऑफ चर्चेज, केरला कैथोलिक बिशप काउंसिल और ऑल इंडिया सज्जदानशीन काउंसिल, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसी अनेक संस्थाएं शामिल हैं। इस समर्थन के लिए उन्होंने इन संस्थाओं का आभार जताया और कहा कि अब वक्फ को बदलने का समय आ गया है क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए।
#WATCH | #WaqfAmendmentBill | BJP MP Anurag Thakur says, “This is not a Bill but UMEED (Unified Waqf Management Empowerment, Efficiency and Development). This UMEED has empowerment, efficiency and development. Looking at this, the people of the country are supporting it. Several… pic.twitter.com/7GBKcQzFsY
— ANI (@ANI) April 2, 2025
पूर्ववर्ती सरकार को लिया आड़े हाथों
अनुराग ठाकुर ने पूर्ववर्ती सरकार पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में जो वक्फ बोर्ड बना, उसका तात्पर्य था खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही, यानी यदि वक्फ बोर्ड ने कह दिया कि यह जमीन उसकी है, तो वह जमीन उनकी हो जाती थी। वक्फ की जिम्मेदारी नहीं थी कि वह यह बताए कि यह जमीन उनकी कैसे हो गई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिनकी जमीन जाती थी, वे जिंदगी भर अपनी जमीन को पाने के लिए दर-दर भटकते रहते थे।
कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में भ्रम फैलाया
अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में भ्रम फैलाया है और यह भ्रम फैलाने का कार्य जारी रखा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लाल किताब लेकर चलती है, जिसे वह संविधान कहती है, लेकिन वह संविधान नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर आप संविधान को ध्यान से देखें, तो यह स्पष्ट होगा कि बाबा साहेब आंबेडकर का सपना था कि एक देश में एक ही संविधान रहेगा, लेकिन कांग्रेस ने एक देश में दो विधान बनाने का काम किया है। अब यह जनता के ऊपर है कि वह संविधान के साथ रहना चाहती है या वक्फ के साथ।
‘बाबा साहब का संविधान चलेगा, किसी कबीले का फरमान नहीं’
भाजपा नेता ने कहा कि वह उन लोगों को जवाब देना चाहते हैं जिन्होंने पहले बड़े-बड़े बयान दिए थे। उन्होंने कहा, ‘यह हिंदुस्तान है, पाकिस्तान या तालीबान (शासित देश) नहीं। यहां बाबा साहब का संविधान चलेगा, किसी कबीले का फरमान नहीं।‘ उन्होंने कहा कि हम केवल वक्फ विधेयक पर चर्चा नहीं कर रहे, बल्कि हम एक समांतर सत्ता को चुनौती दे रहे हैं, जो दशकों से अनियंत्रित रही है। वक्फ संशोधन बिल, 2025 केवल कानून में बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश है कि देश में एक ही कानून चलेगा और वह है भारत का संविधान। संविधान के ऊपर कुछ भी नहीं हो सकता।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वक्फ बोर्ड का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए संपत्तियों का प्रबंधन करना था। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे राजनीतिक संरक्षण देते हुए इसे अपने वोट बैंक का उपकरण बना लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने वक्फ को 70 वर्षों तक इस तरह से चलाया, जिससे यह भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता का अड्डा बन गया। अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि भारत ने 1947 में एक विभाजन देखा था, जो एक पार्टी और परिवार की वजह से हुआ था। अब वे जमीन-जिहाद के नाम पर दूसरे विभाजन की अनुमति नहीं देंगे।
वक्फ बोर्ड एक वोट बैंक का उपकरण बन चुका
अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक देश, एक कानून और एक संविधान की बात की और कहा कि यह सरकार पारदर्शिता लाएगी और इसके माध्यम से जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों के लिए वक्फ बोर्ड एक वोट बैंक का उपकरण बन चुका है, उनके नेता भ्रष्टाचार के कई मामलों में फंसे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 1947 के बाद वक्फ कानून में संशोधन पर संशोधन किया गया, जिससे कानून इतना जटिल हो गया कि उसे चुनौती देना भी असंभव सा हो गया था।