
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा के तीन दिनों के विशेष सत्र के आखिरी दिन भारी हंगामा देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के विधायकों के बीच नारेबाजी और हाथापाई तक हो गई। इस हंगामे के बाद भाजपा ने राज्य की ममता सरकार पर जोरदार हमला किया है।
हंगामा क्यों हुआ?
यह हंगामा उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधानसभा में एक सरकारी प्रस्ताव पर बोलने वाली थीं। यह प्रस्ताव बंगाली प्रवासियों पर कथित अत्याचारों से जुड़ा था। भाजपा के विधायक शुभेंदु अधिकारी के निलंबन पर सवाल उठाने के दौरान दोनों दलों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद स्थिति इतनी बिगड़ी कि हाथापाई तक हो गई।
আজ পশ্চিমবঙ্গ বিধানসভায় গনতন্ত্র কে হত্যা করলো গনতন্ত্র হত্যাকারী মমতা ও তার দলদাস প্রশাসন… pic.twitter.com/X7XGw2WK2s
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) September 4, 2025
शंकर घोष को निलंबित किया गया
विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने अव्यवस्था फैलाने के आरोप में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष को शेष दिन के लिए निलंबित कर दिया। हालांकि, शंकर घोष सदन से बाहर नहीं गए। इसके बाद विधानसभा मार्शलों को बुलाया गया और उन्हें बलपूर्वक बाहर निकाला गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच माहौल और गरम हो गया। मार्शल हाथापाई रोकने के लिए दोनों समूहों के बीच पहरा दे रहे थे।
शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर बोला हमला
भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा कि आज पश्चिम बंगाल विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या हुई और ममता बनर्जी व उनके प्रशासन ने लोकतंत्र की अवहेलना की।
ममता बनर्जी ने भाजपा को बताया वोट चोर पार्टी
सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा भ्रष्ट और वोट चोरों की पार्टी है। उन्होंने कहा कि संसद में उन्होंने देखा कि कैसे भाजपा ने उनके सांसदों को परेशान करने के लिए सीआईएसएफ का इस्तेमाल किया। ममता ने कहा कि बंगाल में एक दिन ऐसा आएगा जब भाजपा का कोई विधायक विधानसभा में नहीं बचेगा। लोग बीजेपी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने आगे कहा कि बस कुछ दिन इंतजार कीजिए, लोग बीजेपी को सत्ता से बाहर कर देंगे और केंद्र की मोदी-शाह नेतृत्व वाली सरकार भी जल्द ही गिर जाएगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...