Nepal Big Protest: नेपाल की राजधानी काठमांडू की सड़कों पर भारी विरोध देखने को मिल रहा है। यहां हजारों युवा लड़के और लड़कियां सड़कों पर उतरे आये हैं। इस प्रदर्शन में 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी संसद भवन परिसर तक पहुंच गए हैं। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। नेपाल के कई शहरों में युवाओं ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ Gen-Z रिवोल्यूशन की शुरुआत कर दी है। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन का मुख्य कारण सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार को लेकर युवाओं में बढ़ती नाराजगी है। वहीं, न्यू बानेश्वर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 9 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है।वहीं, घायलों को इलाज के लिए एवरेस्ट अस्पताल, सिविल अस्पताल और आसपास के अन्य अस्पतालों में ले जाया गया है।
#WATCH | नेपाल: काठमांडू में हजारों लोगों ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। pic.twitter.com/qru4rUXQH0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 8, 2025
प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया है। कर्फ्यू सोमवार दोपहर 12:30 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा। कर्फ्यू का क्षेत्र न्यू बानेश्वर चौक से पश्चिम की ओर एवरेस्ट होटल और बिजुलीबाजार आर्च ब्रिज, न्यू बानेश्वर चौक से पूर्व की ओर मिन भवन और शांतिनगर होते हुए टिंकुने चौक, उत्तर की ओर आईप्लेक्स मॉल और रत्न राज्य माध्यमिक विद्यालय व दक्षिण की ओर शंखमुल और शंखमुल ब्रिज तक। कर्फ्यू के कारण इन इलाकों में आवाज़ाही, सभाओं, प्रदर्शन या घेराव पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प
पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उन्हें तोड़ दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने पेड़ों की टहनियां और पानी की बोतलें फेंकी और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। भीड़ ने न्यू बानेश्वर स्थित संसद भवन परिसर में भी प्रवेश किया और वहां तोड़-फोड़ की।
प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
नेपाल सरकार ने फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप और यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। युवाओं का कहना है कि सोशल मीडिया उनके मीडिया और अभिव्यक्ति का जरिया है, इसलिए वे इस बैन के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। युवाओं ने 8 सितंबर से Gen-Z रिवोल्यूशन के नाम से विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन इतना तेज हो गया है कि स्थिति अब बेकाबू हो चुकी है।
नेपाल सरकार क्या कह रही है?
नेपाल सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध तभी हटेगा, जब ये कंपनियां नेपाल में अपना ऑफिस खोलें। पंजीकरण कराएं। सिस्टम बनाएं ताकि गड़बड़ी रोकी जा सके। अब तक केवल टिकटॉक, वाइबर, निम्बज, विटक और पोपो लाइव ने ही पंजीकरण कराया है।
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