
चंडीगढ़: वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह की अवैध हिरासत के मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी है कि हरजीत सिंह के खिलाफ न सिर्फ लोगों को भड़काने बल्कि23 फरवरी को अजनाला पुलिस थाने पर हुए हमले को लेकर भी एफआईआर दर्ज है। अमृतसर के एसएसपी सतिंदर सिंह ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट देकर बताया कि हरजीत सिंह अवैध हिरासत में नहीं, उसके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर उसकी गिरफ़्तारी की गई है। सतिंदर सिंह ने इन आरोपों को नकारा कि हरजीत को अवैध हिरासत में लेकर असम भेजा गया है।
कोर्ट को बताया कि हरजीत के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर ही असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेजा गया है। कोर्ट से आग्रह किया गया कि इस याचिका को खारिज किया जाए क्योंकि जब किसी अपराधी को पुलिस कानूनी तौर पर गिरफ्तार करती है तो उस मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का कोई महत्व नहीं रहता। अमृतसर के एसएसपी ने यह जवाब एक याचिका पर दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हरजीत को पुलिस ने अवैध हिरासत में रखा हुआ है। हाईकोर्ट ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद इस मामले की सुनवाई भी इसी मामले को लेकर दायर अन्य सभी याचिकाओं के साथ 11 अप्रैल को सुनवाई किए जाने के आदेश दे दिए हैं।
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