नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत-यूके सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुआ CETA (Comprehensive Economic and Trade Agreement) केवल एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि दोनों देशों की साझा प्रगति और समृद्धि का रोडमैप है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्तमान में 56 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को दोनों देश 2030 से पहले दोगुना कर लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, तकनीक और आकांक्षाओं को नई ऊंचाई देगा।
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सीईटीए: सिर्फ समझौता नहीं, साझेदारी का विस्तार
पीएम मोदी ने कहा, “यह सिर्फ़ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि यह साझा प्रगति, साझा समृद्धि और साझा लोगों का रोडमैप है।” उन्होंने अपने ब्रिटिश समकक्ष प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने जुलाई 2025 में लंदन यात्रा के दौरान इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर को भारत-ब्रिटेन रिश्तों का एक नया अध्याय बताया।
CETA के चार नए आयाम: पीएम मोदी का विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाजार पहुंच के साथ-साथ, यह समझौता दोनों देशों में एमएसएमई को मज़बूत करेगा और लाखों युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार भी खोलेगा। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचे, मैं इस सीईटीए के चार नए आयाम प्रस्तुत करना चाहूँगा।
मेरे सीईटीए के ये नए आयाम शायद इसे काफ़ी व्यापक बना देंगे। ‘सी’ का अर्थ है वाणिज्य और अर्थव्यवस्था। ‘ई’ का अर्थ है शिक्षा और लोगों के बीच संबंध। ‘टी’ का अर्थ है प्रौद्योगिकी और नवाचार। ‘ए’ का अर्थ है आकांक्षा। आज हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 56 अरब डॉलर का है। हमने 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुझे विश्वास है कि हम इस लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लेंगे।”
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CETA से क्या मिलेगा भारत को?
सीईटीए, ब्रिटेन को भारत के 99% निर्यात के लिए अभूतपूर्व शुल्क-मुक्त पहुंच सुनिश्चित करता है, जो लगभग पूरे व्यापार क्षेत्र को कवर करता है। इससे वस्त्र, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते, खेल के सामान, खिलौने, रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है, साथ ही इंजीनियरिंग सामान, ऑटो घटक और कार्बनिक रसायन जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों के लिए भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर का संबोधन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, जो दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं, उन्होंने भी फोरम को संबोधित किया और भारत-ब्रिटेन व्यापार को “अभूतपूर्व अवसर” बताया। उन्होंने कहा कि CETA से न केवल व्यापार को गति मिलेगी, बल्कि यह साझेदारी साझा मूल्यों और स्थायित्व पर आधारित होगी।

