
पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर में संभावित ब्लैकआउट जैसी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एक अहम कदम उठाया है। नगर निगम ने एक 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम की स्थापना की घोषणा की है, जिसे किसी भी बिजली संकट या आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रखा जाएगा। इस फैसले की जानकारी चंडीगढ़ के मेयर, हरप्रीत कौर बबला और नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार ने पार्षदों और निगम अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में दी।
-पार्षदों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
बैठक में यह भी तय किया गया कि शहर की मैनुअल स्ट्रीट लाइटों को बंद करने की जिम्मेदारी अब संबंधित वार्डों के पार्षदों को सौंप दी जाएगी। इस निर्णय के तहत, पार्षदों को इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे त्वरित निर्णय ले सकें और लाइटों को बंद कर सकें। इसके अलावा, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को भी सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
-बिजली आपूर्ति रोकने के लिए के लिए विशेष तैयारियां
ब्लैकआउट के दौरान शहर में बिजली की आपूर्ति रोकने में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। पार्कों, वी-5 और वी-6 रोड पर स्थित स्ट्रीट लाइटों को नियमित रूप से बंद रखने का आदेश दिया गया है। वर्तमान में चंडीगढ़ में लगभग 50,000 स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनमें से लगभग 1,800 लाइटें मैनुअल सिस्टम से संचालित होती हैं।
-आपातकालीन स्थिति में कंट्रोल रूम से करें संपर्क
इस कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0172-2787200 जारी किया गया है, जिस पर कोई भी नागरिक आपातकालीन स्थितियों में संपर्क कर सकता है। कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी एसडीई रुदेश कुमार को सौंपी गई है, जबकि ब्लैकआउट से संबंधित सभी तैयारियों की निगरानी के लिए एसई (बागवानी) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस अधिकारी की भूमिका यह सुनिश्चित करने की होगी कि समय पर सोलर और स्ट्रीट लाइटों को बंद किया जाए, और जरूरत पड़ने पर सायरन बजाए जाएं।
नगर निगम का यह कदम चंडीगढ़ शहर में आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो नागरिकों की सुरक्षा और शहर की सुचारु कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
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