नेशनल डेस्क: पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में तीन महिलाओं के नमाज पढ़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिना अनुमति के कोई भी काम अगर कानून के खिलाफ होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वो कोई भी हो।
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पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार दोपहर करीब 1:45 बजे की है। वीडियो सामने आने के बाद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के एक अधिकारी ने पुणे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद तीन अज्ञात महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने संरक्षित स्मारक में नियमों का उल्लंघन किया। एफआईआर प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष (एएमएएसआर) अधिनियम, 1959 के तहत दर्ज की गई है। यह कानून बताता है कि ऐतिहासिक इमारतों में क्या किया जा सकता है और क्या नहीं।
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भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी और कुछ अन्य संगठनों ने इस घटना का विरोध किया। इस बीच शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने कहा कि यह मुद्दा हिंदू बनाम मुस्लिम नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी धर्म हो, सभी को एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे कोई हाजी अली दरगाह जाकर हनुमान चालीसा नहीं पढ़ता, वैसे ही हर जगह की एक मर्यादा और नियम होते हैं।” शाइना ने यह भी कहा कि यह विवाद इस बात पर होना चाहिए कि एएसआई के नियम क्या कहते हैं, न कि धर्म के आधार पर। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी यही दोहराया कि जो कानून तोड़ेगा, उस पर जरूर कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई भी हो।
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