नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों और दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग की समीक्षा की और इसे सकारात्मक बताया।
यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर हुई चर्चा
साथ ही उन्होंने क्षितिज 2047 रोडमैप, हिंद-प्रशांत रोडमैप और रक्षा औद्योगिक रोडमैप के तहत दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। सबसे अहम, दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए हाल में हुए प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता की बहाली का समर्थक रहा है और बातचीत के जरिए समाधान ही सही रास्ता है।
“एआई इम्पैक्ट समिट” के लिए निमंत्रण स्वीकार
पीएम मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति को फरवरी 2026 में भारत में होने वाले “एआई इम्पैक्ट समिट” के लिए निमंत्रण स्वीकार करने पर धन्यवाद दिया और कहा कि वे भारत में उनका स्वागत करने को उत्सुक हैं। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब कुछ दिन पहले ही पेरिस शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति मैक्रों ने यूक्रेन में “आश्वासन बल” तैनात करने की योजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि अब तक 26 देश इस योजना का समर्थन कर चुके हैं। इस सम्मेलन में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की मौजूद रहे, जबकि कई अन्य देशों के नेता वर्चुअली जुड़े।
यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव
संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने हाल ही में कहा कि यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संभव है, न कि युद्ध के मैदान से। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने यह भी दोहराया कि जैसा कि पीएम मोदी कई बार कह चुके हैं, “यह युद्ध का युग नहीं है।” दोनों नेताओं ने आगे भी संपर्क में रहने और वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

