
Deepika Kumari : भारतीय तीरंदाजी की दिग्गज खिलाड़ी दीपिका कुमारी ने एक बार फिर अपने अनुभव और प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए तीरंदाजी वर्ल्ड कप स्टेज-2 में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। रविवार को हुए महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के कांस्य पदक मुकाबले में दीपिका ने दक्षिण कोरिया की कांग चेन योंग को 7-3 से हराकर पोडियम पर जगह बनाई। इस जीत के साथ भारत की कुल पदकों की संख्या छह हो गई है।
सेमीफाइनल की हार के बाद जोरदार वापसी
सेमीफाइनल मुकाबले में दीपिका को दुनिया की नंबर एक कोरियाई खिलाड़ी लिम सिहियोन के खिलाफ 7-1 से हार झेलनी पड़ी थी। यह लगातार दूसरी बार था जब वर्ल्ड कप के अंतिम चार में उन्हें लिम सिहियोन से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इस बार दीपिका ने हार को पीछे छोड़ते हुए कांस्य पदक मैच में जबरदस्त मानसिक मजबूती दिखाई।
कांस्य पदक मुकाबले का रोमांच
कांस्य पदक के मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। पहला सेट 27-27 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद दीपिका ने दूसरा सेट 28-26 से जीतकर 3-1 की बढ़त बना ली। तीसरे सेट में कोरियाई खिलाड़ी कांग ने 30 का परफेक्ट स्कोर करते हुए स्कोर को 3-3 से बराबर कर दिया। मगर चौथे सेट में दीपिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीनों तीर 10 अंक पर लगाए और 5-3 की बढ़त बना ली। निर्णायक सेट में भी दीपिका का दबदबा कायम रहा और उन्होंने 29 अंक हासिल कर 7-3 से मुकाबला जीत लिया।
तीन साल बाद यादगार वापसी
तीरंदाजी के इस वर्ल्ड कप में दीपिका की वापसी बेहद खास रही, क्योंकि उन्होंने तीन साल बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनके अलावा मधुरा धामनगंकर ने भी कम्पाउंड वर्ग में गोल्ड सहित तीन पदक जीते हैं। शनिवार तक भारत ने कम्पाउंड वर्ग में कुल पांच मेडल अपने नाम किए थे।
पार्थ सालुंके से भी उम्मीदें
पुरुष रिकर्व वर्ग में पार्थ सालुंके ने भी सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, हालांकि वह कोरिया के दिग्गज तीरंदाज किम वूजिन से 4-6 से हार गए। अब पार्थ ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करेंगे और देश को उनसे सातवें पदक की उम्मीद है।
दीपिका कुमारी की इस जीत ने न केवल उनके करियर को नई दिशा दी है, बल्कि भारत के पदकों की गिनती भी बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें पार्थ सालुंके के मुकाबले पर टिकी हैं, जिससे भारत को एक और पदक मिलने की संभावना है।
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