नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि पिछले 11 वर्षों में भारत में एक अभूतपूर्व डिजिटल क्रांति आई है। उन्होंने कहा कि इस क्रांति ने लोगों के बीच की डिजिटल दूरी को खत्म कर दिया है और अब टेक्नोलॉजी देश के हर नागरिक तक पहुंच चुकी है।
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने डिजिटल क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की की है। इससे न सिर्फ करोड़ों लोग डिजिटल दुनिया से जुड़े, बल्कि अब शासन भी पहले से ज्यादा पारदर्शी और कुशल हो गया है।” उन्होंने बताया कि सरकार की कई प्रमुख योजनाएं अब डिजिटल डैशबोर्ड से जुड़ी हैं, जिससे लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है।
जेपी नड्डा ने जिन योजनाओं और प्लेटफॉर्म्स का ज़िक्र किया, उनमें शामिल हैं:
-UPI (यूपीआई) – डिजिटल पेमेंट का आसान तरीका
-DigiLocker – दस्तावेज़ों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने की सुविधा
-आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन – हेल्थ सेक्टर में डिजिटल सेवाएं
-U-WIN, CoWIN, ई-संजीवनी – वैक्सीनेशन और डिजिटल हेल्थ सुविधाएं
उन्होंने कहा कि ये सिर्फ ऐप्स या पोर्टल्स नहीं हैं, बल्कि इन्होंने लाखों लोगों को सशक्त बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी विषय पर कहा कि भारत के युवा टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए-नए नवाचार (इनवेशन) कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अब तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने MyGovIndia की एक पोस्ट को साझा करते हुए लिखा,“हम तकनीकी इनोवेशन और उसके उपयोग में काफी आगे बढ़े हैं। यह प्रगति हमें एक वैश्विक तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में ले जा रही है।”
Over the past 11 years, India has witnessed an unprecedented digital revolution under the visionary leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji. This transformation has not only connected millions but also bridged the digital divide, ensuring that technology… pic.twitter.com/4Ep93Ks6DG
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) June 12, 2025
डिजिटल क्रांति से जुड़े कुछ प्रमुख आंकड़े:
UPI ट्रांजैक्शन में भारी उछाल:
अप्रैल 2017 में 0.93 करोड़ ट्रांजैक्शन से बढ़कर अप्रैल 2025 में 1867.70 करोड़ तक पहुंच गया है। यानी 2,500 गुना बढ़ोतरी हुई है।
डिजिटल भुगतान का तेजी से विस्तार:
हर साल 18,600 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन होते हैं, जिनकी कुल राशि करीब 260 लाख करोड़ रुपये होती है।
UPI को 7 देशों में मान्यता मिली:
अब यह UAE, सिंगापुर, नेपाल, फ्रांस, मॉरीशस, भूटान और श्रीलंका में भी इस्तेमाल हो रहा है। सबसे सस्ता मोबाइल डेटा भारत में मिलता है। देश में 94 करोड़ से ज्यादा ब्रॉडबैंड और 120 करोड़ से ज्यादा टेलीफोन ग्राहक हैं।
भारत नेट योजना के तहत
2.18 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा गया है और कुल 6.92 लाख किलोमीटर फाइबर बिछाई गई है।
र्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारत की पहल
भारत में तीन AI उत्कृष्टता केंद्र खोले गए हैं। साथ ही AI मॉडल्स जैसे भारतजेन, सर्वम-1, चित्रलेखा, हनुमान एवरेस्ट 1.0 पर काम चल रहा है। 10 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने एक लेख साझा किया जिसमें उन्होंने बताया कि सरकार किस तरह भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी को लगातार आगे बढ़ा रही है।

