वाशिंगटन डीसी BRICS : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर ब्रिक्स समूह को इन देशों के सामानों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ब्रिक्स समूह अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए काम कर रहा है। अपने नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक के दौरान ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे ब्रिक्स में हैं तो उन्हें निश्चित रूप से 10% का भुगतान करना होगा क्योंकि ब्रिक्स की स्थापना हमें नुकसान पहुंचाने, हमारे डॉलर को खराब करने के लिए की गई थी…”
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित 11 देशों वाले ब्रिक्स समूह ने ट्रंप की टैरिफ नीतियों की आलोचना की है तथा उन्हें विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप नहीं बताया है । ब्रिक्स राष्ट्रों का सामूहिक योगदान वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 40% तथा विश्व की लगभग आधी जनसंख्या के लिए है।
ट्रंप प्रशासन वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर जोर दे रहा है, जिसके तहत नए टैरिफ 1 अगस्त से उन देशों पर लागू होंगे जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ समझौता नहीं कर पाए हैं ।
डॉलर राजा है, राजा ही रहेगा
अमेरिकी डॉलर की मजबूती पर अपना रुख दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, “डॉलर राजा है, हम इसे ऐसे ही रखेंगे। मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि अगर लोग इसे चुनौती देना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी और मुझे नहीं लगता कि उनमें से कोई भी वह कीमत चुकाने को तैयार है।”
अब हर कोई हमें सब कुछ देने को तैयार
आगामी व्यापार शुल्कों के बारे में ट्रम्प ने कहा, “हमेशा से यह 1 अगस्त (अंतिम तिथि) रही है… अन्य देशों द्वारा शुल्कों को हास्यास्पद स्तर पर लगाया जाता है। मैंने उन अन्य देशों से बात की, और अब हर कोई हमें सब कुछ देने को तैयार है… वर्षों तक, उन्होंने हमें लूटा और हमारे पास ऐसा कोई राष्ट्रपति नहीं था जो इसे समझता हो…”
जब उनसे भारत की स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अमेरिका के एक महत्वपूर्ण व्यापार साझेदार और ब्रिक्स सदस्य के रूप में भारत की स्थिति को देखते हुए, इसमें कोई अपवाद नहीं किया जाएगा।
वे 10% टैरिफ का भुगतान कर सकते हैं
ट्रंप ने कहा, “वे ब्रिक्स के सदस्य हैं , वे 10% टैरिफ का भुगतान कर सकते हैं। मैंने यह बात लगभग एक साल पहले कही थी और यह काफी हद तक टूट गई थी। मुझे लगा कि यह काफी हद तक टूट गई है। हम किसी भी समय मानक नहीं खोएंगे। यदि आपके पास एक स्मार्ट राष्ट्रपति है तो आप कभी भी मानक नहीं खोएंगे।”
ट्रंप की भारत यात्रा दौरान अंतिम व्यापार समझौते
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और भारत एक व्यापार समझौते के करीब पहुंच चुके हैं, तथा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे “एक समझौते के करीब हैं।”
इस महीने के अंत में वाशिंगटन डीसी में एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के दौरान या शरद ऋतु में ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान अंतिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
एक अंतरिम या लघु व्यापार समझौते की घोषणा शीघ्र ही होने की संभावना है, जिसमें संभवतः कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल नहीं किया जाएगा।
अमेरिका कृषि उत्पादों, चिकित्सा उपकरणों और औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क कम करने पर जोर दे रहा है, जबकि भारत कपड़ा और परिधान जैसे श्रम-प्रधान निर्यातों के लिए तरजीही पहुंच चाहता है।
इस समझौते का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक बढ़ाना तथा रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा में सहयोग बढ़ाना है।
पिछले प्रशासन की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर आपके पास पिछली बार की तरह एक बेवकूफ राष्ट्रपति है, तो आप मानक खो देंगे, आपके पास यहां डॉलर नहीं होंगे और हम विश्व मानक डॉलर खो देंगे। यह एक युद्ध, एक प्रमुख विश्व युद्ध हारने जैसा होगा। हम अब पहले जैसे देश नहीं रहेंगे। मैं ऐसा नहीं होने दे सकता।”
टैरिफ का भुगतान 1 अगस्त से शुरू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि टैरिफ 1 अगस्त 2025 से लागू होंगे और उन्हें बिना किसी विस्तार के चुकाना होगा।
उन्होंने कहा, “कल विभिन्न देशों को भेजे गए पत्रों के अनुसार, आज, कल और अगले कुछ समय के लिए भेजे जाने वाले पत्रों के अतिरिक्त, टैरिफ का भुगतान 1 अगस्त, 2025 से शुरू होगा। इस तिथि में कोई बदलाव नहीं हुआ है और कोई बदलाव नहीं होगा। दूसरे शब्दों में, सभी पैसे 1 अगस्त, 2025 से देय होंगे – कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद!”
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