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Earthquake : म्यांमार और बैंकॉक में भूकंप से मचा हाहाकार, सेकेंड्स में धराशायी हुई बहुमंजिला इमारत, कइयों की मौत, इमरजेंसी घोषित

Earthquake : बैंकाक। थाईलैंड और पड़ोसी म्यांमार में शुक्रवार दोपहर 7.7 तीव्रता का भूंकप महसूस किया गया। इसके कारण थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में निर्माणाधीन एक बहुमंजिला इमारत ढह गई। वहीं म्यांमा ने भूकंप की वजह से छह क्षेत्रों और राज्यों में आपातकाल की घोषणा कर दी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक नाटकीय वीडियो में.

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Earthquake : बैंकाक। थाईलैंड और पड़ोसी म्यांमार में शुक्रवार दोपहर 7.7 तीव्रता का भूंकप महसूस किया गया। इसके कारण थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में निर्माणाधीन एक बहुमंजिला इमारत ढह गई। वहीं म्यांमा ने भूकंप की वजह से छह क्षेत्रों और राज्यों में आपातकाल की घोषणा कर दी है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक नाटकीय वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत, जिसके ऊपर एक क्रेन थी, धूल के गुबार के साथ ढहती नजर आ रही है, जबकि वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं।

इमारत ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत
भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे में तीन लोग मृत पाए गए हैं। कई अन्य लोग अभी भी दबे हुए हैं। एक बचावकर्मी सोंगवुत वांगपोन ने बताया कि मलबे के ऊंचे ढेर के पास सात अन्य लोग जीवित पाए गए हैं। थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री ने फुमथाम वेचायाचाई ने भी हालात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकॉक में 30 मंजिला निर्माणाधीन टावर के ढह जाने से कम से कम तीन श्रमिकों की मौत हो गई। इमारत ढहने के बाद मलबे में 81 लोग फंसे हुए हैं।
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पुलिस ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि वे बैंकाक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के निकट घटनास्थल पर पहुंचे थे तथा उन्हें तत्काल इस बात की जानकारी नहीं थी कि इमारत ढहने के समय वहां कितने श्रमिक मौजूद थे। दोपहर में भूकंप के बाद 6.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली झटका आया। प्रशासन ने बैंकाक में लोगों से इमारतों से बाहर आने की अपील की और चेतावनी दी कि वे और अधिक भूकंप के झटके आने की आशंका के मद्देनजर बाहर ही रहें।
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बैंकाक के मॉल में कैमरा उपकरण खरीदने आये स्कॉटलैंड के पर्यटक फ्रेजर मॉर्टन ने बताया, ‘‘अचानक पूरी इमारत हिलने लगी जिससे वहां चीख-पुकार मच गई।’’ उन्होंने बताया, ‘‘मैंने पहले तो शांति से चलना शुरू किया, लेकिन फिर इमारत में हलचल शुरू हो गई, हां, बहुत चीख-पुकार मच गई, बहुत घबराहट होने लगी, लोग एस्केलेटर से गलत दिशा में भागने लगे, मॉल के अंदर बहुत तेज अवाजें आने लगी और चीजें टूटने लगीं।’’ बैंकाक शहर के अन्य हजारों लोगों की तरह, मॉर्टन ने भी चारों ओर की ऊंची इमारतों से दूर, बेंजासिरी पार्क में शरण ली। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बाहर आया और फिर इमारत की ओर देखा जो हिल रही थी और फिर धूल व मलबा का गुब्बार उठा, यह बहुत तेजी से हुआ।’’  शुरुआती खबरों के अनुसार, अमेरिकी भूवैज्ञनिक सव्रेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञन केंद्र ने बताया कि दोपहर को यह भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया, जिसका केंद्र पड़ोसी देश म्यांमा में था।

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फेसबुक सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और तस्वीरों के अनुसार म्यांमा के दूसरे सबसे बड़े शहर और भूकंप के केंद्र के करीब स्थित मांडले में पूर्व शाही महल और इमारतों का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, यह शहर भूकंप संभावित क्षेत्र में है, यहां सामान्यत? आबादी कम है, तथा अधिकांश घर कम ऊंचाई वाले हैं।

मांडले के दक्षिण-पश्चिम में सागइंग क्षेत्र में 90 वर्ष पुराना एक पुल ढह गया तथा मांडले और म्यांमा के सबसे बड़े शहर यंगून को जोड़ने वाले राजमार्ग के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हो गए। भूकंप की वजह से यंगून के निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए। किसी के घायल होने या मौत की तत्काल कोई सूचना नहीं है। म्यांमार की राजधानी नेपीता में भूकंप से धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा, उनके कुछ हिस्से ढह गए तथा कुछ घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बैंकाक में दोपहर करीब 1:30 बजे भूकंप आने पर इमारतों में चेतावनी अलार्म बजने लगे और घबराए हुए निवासियों को ऊंची इमारतों और होटलों की सीढिय़ों से नीचे उतारा गया।

वृहत बैंकाक क्षेत्र में 1.7 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं, जिनमें से अधिकांश ऊंची इमारतों में रहते हैं। बैंकॉक में ऊंची इमारतों की छतों पर बने ‘स्वीमिंग पूल’ का पानी भूकंप के कारण बाहर आ गया तथा कई इमारतों से मलबा गिरने लगा। बैंकाक में रहने वाली हंगरी निवासी सुजसन्ना वारी-कोवाक्स ने बताया, ‘‘मैंने म्यांमा में पहले भी दो बार भूकंप का अनुभव किया है, लेकिन वह केवल एक सेकंड का था, लेकिन यहां यह कम से कम, मैं कहूंगी, एक मिनट तक महसूस किया।’’ वह भूकंप आने के समय एक रेस्तरां में खाना खा रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पति एक ऊंची इमारत में रहते थे, मुझे लगता है कि यह और भी बुरा है।’’ थाईलैंड के आपदा निवारण विभाग ने कहा कि भूकंप देश के लगभग सभी क्षेत्रों में महसूस किया गया।

प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनवात्र ने भूकंप के प्रभाव का आकलन करने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई। म्यांमार के सरकारी एमआरटीवी टेलीविजन ने बताया कि देश की सैन्य सरकार की ने जिन छह क्षेत्रों और राज्यों में आपातकाल की घोषणा की है उनमें राजधानी नेपीता और मांडले भी शामिल हैं, क्योंकि दोपहर में भूकंप और उसके बाद शक्तिशाली झटके अब भी जारी हैं। म्यांमार गृहयुद्ध की चपेट में है और कई इलाकों तक पहुंचना आसान नहीं है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि सेना किस तरह के राहत कार्य कर कर रही है।

 

ये झटके इतने जबरदस्त थे कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इन्हें महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.2 रही।

क्यों आते हैं भूकंप?
बीते कुछ दिनों में भारत समेत पूरी दुनिया में भूकंप की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। दरअसल, हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, ये प्लेट्स कई बार फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं, जिससे घर्षण पैदा होता है। इस घर्षण से निकली ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता तलाशती हैं। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को लगातार मिलती रही थी हैं।

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