Last Updated: October 25, 2026

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HMPV वायरस का असम में पहला मामला, 10 महीने का बच्चा हुआ संक्रमित

January 11, 2025

HMPV वायरस का असम में पहला मामला, 10 महीने का बच्चा हुआ संक्रमित

First case of HMPV virus Assam ; नेशनल डेस्क : देश में एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) के मामलों की संख्या बढ़ने लगी है। गुजरात, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के बाद अब असम में भी इस वायरस का पहला केस सामने आया है। यहां 10 महीने के एक बच्चे में एचएमपीवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह असम में इस मौसम का पहला मामला है। आइए जानते है इस पूरे मामले को विस्तार से…

असम में HMPV का पहला केस

दरअसल, असम के डिब्रूगढ़ जिले में स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएमसीएच) में 10 महीने के बच्चे में एचएमपीवी संक्रमण पाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की हालत अब स्थिर है और वह इलाज के बाद ठीक हो रहा है। बता दें कि बच्चा चार दिन पहले सर्दी-जुकाम जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती हुआ था। बाद में आईसीएमआर-आरएमआरसी से जांच रिपोर्ट मिलने पर एचएमपीवी संक्रमण की पुष्टि हुई।

HMPV संक्रमण की जांच

असम मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. ध्रुबज्योति भुइयां ने बताया कि यह एक नियमित जांच थी। एएमसीएच में हर साल सर्दियों में इन्फ्लूएंजा और फ्लू के मामलों में नमूनों की जांच के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को भेजे जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही किया गया और इसी दौरान एचएमपीवी संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉ. भुइयां ने यह भी कहा कि एचएमपीवी एक सामान्य वायरस है, जो अक्सर सर्दियों में पाया जाता है और इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

2014 से मिल रहे हैं HMPV के मामले

डिब्रूगढ़ स्थित आईसीएमआर के क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि 2014 से अब तक उन्होंने डिब्रूगढ़ जिले में एचएमपीवी के 110 मामलों का पता लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कोई नया मामला नहीं है और हर साल एचएमपीवी के मामले सामने आते रहते हैं।

HMPV वायरस से बचाव के उपाय

HMPV जैसे वायरस सर्दी-जुकाम के मौसम में तेजी से फैलते हैं। इन वायरस से बचने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं: सुबह जल्दी उठें, योग करें और स्वस्थ आहार लें।

 

  • तला-भुना खाना कम खाएं: अधिक तला-भुना या जंक फूड खाने से बचें।

 

  • भरपूर नींद लें: प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।

 

  • पानी पीएं: दिन में कम से कम 4 लीटर पानी पिएं।

 

  • हाथ धोना: बार-बार हाथ धोने की आदत डालें, खासकर जब आप किसी सार्वजनिक जगह से लौटे हों।

 

  • मास्क पहनें: अगर किसी को सर्दी-जुकाम हो तो वे मास्क पहनकर रखें और खुद भी मास्क का इस्तेमाल करें।

 

  • सैनेटाइज़र का उपयोग करें: हैंड सैनेटाइज़र का उपयोग करते रहें।

 

HMPV वायरस को लेकर घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह एक सामान्य वायरस है। हालांकि, सर्दी-गर्मी के मौसम में इसका खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत रखें और स्वच्छता का पालन करें ताकि हम इस वायरस से बच सकें।

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