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Satyapal Malik Passed Away: पूर्व गर्वनर सत्यपाल मलिक का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पूर्व गर्वनर सत्यपाल मलिक का आज यानि मंगलवार को निधन हो गया। किडनी की समस्या से चलते वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के राम लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कौन थे सत्यपाल मलिक?

सत्यपाल मलिक का जन्म उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिसावदा गांव में हुआ था। वे एक अनुभवी राजनेता थे और देश की कई प्रमुख पार्टियों से जुड़े रहे। उनका राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला और उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं।

छात्र राजनीति से शुरुआत

1965 में मेरठ कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा।1966-67 में वे मेरठ कॉलेज के पहले छात्रसंघ अध्यक्ष बने।

राजनीतिक सफर

1974 में भारतीय क्रांति दल (बीकेडी) के टिकट पर बागपत से विधायक चुने गए। साल 1980 में लोकदल से जुड़े और राज्यसभा पहुंचे। 1984 में लोकदल से मतभेद के बाद कांग्रेस जॉइन की। साल 1986 कांग्रेस की ओर से फिर से राज्यसभा भेजे गए।
1987 में बोफोर्स घोटाले से दुखी होकर कांग्रेस और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। फिर जनमोर्चा और जनता दल में शामिल हुए। साल 1989 में जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ से सांसद बने और साल1991 तक जनता दल के प्रवक्ता और सचिव रहे।

भाजपा में सक्रिय भूमिका

2004 में भाजपा में शामिल हुए, लेकिन बागपत से चुनाव हार गए। फिर 2005-06 में यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष बने। साल 2009 में भाजपा किसान मोर्चा के प्रभारी नियुक्त किए गए। 2014 में भाजपा के उपाध्यक्ष रहे और कृषि घोषणापत्र उपसमिति के अध्यक्ष बने। राजस्थान और यूपी के विधानसभा चुनावों में भी अहम भूमिका निभाई।

 

राज्यपाल के रूप में कार्यकाल

4 अक्टूबर 2017 को उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाया गया। इसके बाद वे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल भी बने। सत्यपाल मलिक मेघालय और गोवा के राज्यपाल भी रह चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के दौरान वे राज्यपाल थे और कई बार सरकार की नीतियों पर बेबाक बयान देने के लिए चर्चा में रहे। बताते चलें कि, सत्यपाल मलिक का राजनीतिक जीवन बेहद विविध और सक्रिय रहा। वे एक ऐसे नेता थे जो हर मुद्दे पर बेझिझक बोलते थे। आज उनके निधन से भारतीय राजनीति ने एक अनुभवी और स्पष्टवादी नेता को खो दिया है।ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

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