नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को विपक्षी सांसदों को कड़ी चेतावनी दी, जो एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और अन्य मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर सांसद सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कुछ “निर्णायक फैसले” लेने पड़ सकते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में कहा, “आप जो शोर मचाते हैं, अगर वही शोर आप सवाल पूछने में लगाते, तो देश की जनता के लिए यह ज्यादा फायदेमंद होता। जनता ने आपको सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के लिए नहीं भेजा है। मैं आपको फिर से चेतावनी देता हूं कि किसी भी सदस्य को सरकारी संपत्ति नष्ट करने का अधिकार नहीं है।”
उन्होंने कहा कि अगर यह स्थिति जारी रही, तो उन्हें कुछ कड़े कदम उठाने होंगे। बिरला ने यह भी कहा कि कई राज्यों में ऐसे मामलों में कार्रवाई की गई है, और अगर ऐसा होता रहा, तो देश की जनता इसे देखेगी। इस कड़ी चेतावनी के बाद, लोकसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्षी सांसदों का विरोध खास तौर पर बिहार में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के खिलाफ था। ये सांसद चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ के आरोप लगा रहे थे। वे इस प्रक्रिया को “चुपचाप अदृश्य धांधली” करार दे रहे थे और चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ अपने आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
सोमवार को, विपक्षी नेताओं ने लोकसभा में चुनावी राज्य बिहार के मतदाता सूची पुनरीक्षण पर जोरदार विरोध जताया। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली हो रही है और इसे रोकने के लिए आयोग को सख्त कदम उठाने चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए इन्हें निराधार बताया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के पास कोई ठोस प्रमाण है, तो वे उसे प्रस्तुत करें, वरना उन्हें अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
मेष: दिन शुभ रहेगा...