Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI को मिली बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अंगद सिंह चंडोक को USA से लाया भारत

May 24, 2025

बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI को मिली बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अंगद सिंह चंडोक को USA से लाया भारत

नेशनल डेस्क: भारत में बैंक धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी अंगद सिंह चंडोक को अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत ला लिया है। चंडोक पर अमेरिका में एक अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी योजना चलाने का आरोप था, जिसमें बुजुर्गों की जमा पूंजी से ठगी की गई थी। इस घोटाले में अंगद सिंह चंडोक को 6 साल की सजा सुनाई गई थी।

अंगद सिंह चंडोक का अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क

अंगद सिंह चंडोक पर आरोप है कि उसने कैलिफोर्निया में एक लंबा समय तक मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चलाया और ऑनलाइन तकनीकी सहायता योजनाओं के जरिए अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की धोखाधड़ी की। इन योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनकी जमा पूंजी से पैसे ठगे गए, और इसके बाद चंडोक ने इन पैसों को ट्रांसफर करने के लिए कुछ कंपनियों का निर्माण भी किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंडोक के इस अपराध में कम से कम पांच अन्य लोग भी शामिल थे। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्तियों को निशाना बनाकर घोटाले किए और फिर इन पैसों को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद किया।

अमेरिका में सजा और भारत में वापसी

चंडोक को 19 अगस्त, 2019 को इस धोखाधड़ी की साजिश में शामिल होने का दोषी पाया गया था। उसे 6 साल की सजा सुनाई गई थी, और अब उसे भारत वापस भेजा गया है। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी जैचरी ए. कुन्हा ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था, “यह दुखद सच्चाई है कि हर दिन दुनिया भर में धोखेबाज लोग कमजोर और बुजुर्ग अमेरिकियों को निशाना बनाते हैं, ताकि उन्हें उनकी बचत और आजीविका से वंचित किया जा सके। चंडोक जैसे अपराधी इन धोखाधड़ी योजनाओं का एक अनिवार्य हिस्सा हैं।”

चंडोक की धोखाधड़ी योजना की व्यापकता

रिपोर्ट में बताया गया है कि एक महीने में ही चंडोक ने 930,000 डॉलर की धोखाधड़ी की थी, जो उसकी योजना की व्यापकता को दर्शाता है। चंडोक ने अमेरिकी नागरिकों को विभिन्न तरीकों से ठगा और इस राशि को अवैध तरीके से अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

चंडोक के खिलाफ सीबीआई की यह कार्रवाई एक बड़ी जीत मानी जा रही है, जो यह साबित करती है कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग के माध्यम से ऐसे अपराधियों को पकड़ा जा सकता है जो अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी में लिप्त होते हैं। यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के अपराधों को गंभीरता से ले रही हैं और समय रहते इन पर कड़ी कार्रवाई कर रही हैं।

ये भी पढ़ें- PM मोदी का आज गुजरात दौरा, सम्राट संप्रति संग्रहालय का करेंगे उद्घाटन

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें