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‘मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए’, PoK में पाक सेना की बर्बरता पर भड़का भारत 

नेशनल डेस्क: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में बीते कई दिनों से लोग भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों में नागरिकों की माँग है कि उन्हें सस्ती बिजली, सस्ता आटा, मुफ्त स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएं। इसके साथ ही लोग भ्रष्ट अधिकारियों और सेना के अत्याचारों के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं।

इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सख्ती से कार्रवाई की, जिसमें अब तक कम से कम 10 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रदर्शन पीओजेके की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद और आस-पास के जिलों में हो रहे हैं। यहां दुकानें, बाज़ार और यातायात पूरी तरह बंद है, और आम जनजीवन ठप्प हो गया है।

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भारत ने जताई चिंता, पाकिस्तान पर लगाया आरोप

भारत सरकार ने पीओजेके में हो रहे इस दमन पर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान पीओजेके में बर्बरता कर रहा है और वहां के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब पाकिस्तान के दमनकारी रवैये और वहां के संसाधनों की लूट का नतीजा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को इन “भयानक” मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

 

प्रदर्शनकारियों की माँगें क्या हैं?

विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JKJAC) कर रही है। इस संगठन ने सरकार के सामने 38 मांगें रखी हैं, जिनमें गेहूं का आटा सस्ती दरों पर मिले, बिजली की दरें कम की जाएं, मुफ्त स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं
सरकारी अधिकारियों के विशेष भत्ते खत्म किए जाएं, बिजली परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को लाभ मिले और पीओजेके में चल रहे विशेषाधिकारों को समाप्त किया जाए प्रमुख है।

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू

पाकिस्तान की सरकार ने हालात को संभालने के लिए एक 8 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति पीओजेके भेजी है, जिसमें कई मंत्री और राजनेता शामिल हैं। यह समिति मुज़फ़्फ़राबाद में नागरिक समाज और JKJAC नेताओं से बातचीत कर रही है। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई, उनकी गिरफ्तारी और सज़ा होनी चाहिए।

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जनाज़ों में उमड़ा जनसैलाब, गुस्सा और भड़का

तीन युवकों की मौत के बाद उनके जनाज़े में हज़ारों लोग शामिल हुए। इस दौरान लोग भावुक भी दिखे और गुस्से में भी। इस घटना के बाद विरोध और तेज़ हो गया।

इंटरनेट बंद, सेना तैनात, फिर भी नहीं रुके लोग

पाकिस्तान सरकार ने पीओजेके में इंटरनेट बंद कर दिया है और कई जगह लॉकडाउन लगा दिया है, लेकिन लोग फिर भी सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। विरोध मार्चों को रोकने के लिए पुलों को साफ़ कराया जा रहा है, लेकिन लोग बैरिकेड्स तोड़कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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