
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि वे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने मजबूती से नहीं खड़े हो पा रहे हैं। राहुल गांधी का दावा है कि अडानी समूह के खिलाफ अमेरिका में चल रही जांच के कारण प्रधानमंत्री मोदी दबाव में हैं और उनकी स्थिति कमजोर हो गई है। उनका कहना है कि इस जांच से मोदी, अडानी और रूस से तेल खरीदने के सौदों के बीच आर्थिक संबंधों का खुलासा हो सकता है, जिससे सरकार मुश्किल में पड़ सकती है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, “भारत, कृपया समझिए: राष्ट्रपति ट्रंप की बार-बार की धमकियों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी उनके सामने टिक नहीं पा रहे हैं, क्योंकि अडानी मामले में अमेरिका की जांच चल रही है।”उन्होंने आगे कहा कि “मोदी के हाथ इसलिए बंधे हैं, क्योंकि जांच से अडानी और रूस के तेल सौदों से जुड़े आर्थिक रिश्ते सामने आ सकते हैं।”
India, please understand:
The reason PM Modi cannot stand up to President Trump despite his repeated threats is the ongoing U.S. investigation into Adani.
One threat is to expose the financial links between Modi, AA, and Russian oil deals.
Modi’s hands are tied.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 6, 2025
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत रूस से बहुत बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीद रहा है और फिर उसे ओपन मार्केट में ऊँचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रहा है। इस पर ट्रंप ने धमकी दी कि “भारत को अब अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ (शुल्क) में काफी बढ़ोतरी झेलनी पड़ेगी। भारत को कोई फर्क नहीं पड़ता कि रूस की सेना यूक्रेन में कितने लोगों को मार रही है। इसलिए हम भारत पर दबाव बढ़ाएंगे।”
भारत सरकार ने ट्रंप के बयानों पर सीधा जवाब न देते हुए कहा है कि हमारी ऊर्जा नीति पूरी तरह से हमारे राष्ट्रीय हितों और बाज़ार की स्थिति के आधार पर तय होती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम ऊर्जा की अपनी जरूरतों के हिसाब से निर्णय लेते हैं। हम बाज़ार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर रखते हैं। फिलहाल, हमें ट्रंप के आरोपों से जुड़ी कोई विशेष जानकारी नहीं है।”
अडानी समूह पर अमेरिका में चल रही जांच कथित रूप से उनके विदेशी लेन-देन और निवेशों को लेकर है। कांग्रेस पहले से अडानी और मोदी सरकार के बीच रिश्तों को लेकर सवाल उठाती रही है। राहुल गांधी इस मुद्दे को अब अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़कर जनता के सामने रख रहे हैं।
भारत अमेरिका व्यापार- टैरिफ बढ़ने से भारतीय वस्तुंए अमेरिका में महंगी हो सकती हैं। घरेलू राजनीति में मोदी सरकार पर विपक्ष का दवाब बढ़ सकता है। अडानी समूह- अमेरिका में जांच में कंपनी की छवि और अंतरराष्ट्रीय निवेश प्रभावित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंध- भारत को रूस और अमेरिका दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना मुश्किल होगा।
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