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‘भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम, चीन-पाक की दोस्ती पर न घबराएं’, राज्यसभा में बोले विदेश मंत्री जयशंकर

July 30, 2025

‘भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम, चीन-पाक की दोस्ती पर न घबराएं’, राज्यसभा में बोले विदेश मंत्री जयशंकर

नई दिल्ली: राज्यसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार को चीन और पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों, आतंकवाद, और भारत की विदेश नीति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है, वह खुद ही सब कुछ संभालने में सक्षम है।

सेना का सम्मान करें, नाकि अपमान 

जयशंकर ने राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा के दौरान कहा कि सेना का सम्मान करना चाहिए, यह कहना कि उसे किसी और की जरूरत है, सेना का अपमान है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पहले भी नूर खान एयरबेस और कई आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है।

 

चीन-पाक गठजोड़ पर क्या बोले जयशंकर?

जयशंकर ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती कोई नई बात नहीं है। ये एक दिन में नहीं हुआ, इसका लंबा इतिहास है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को ‘चीन गुरु’ बताते हैं लेकिन उन्हें असल जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता ओलंपिक्स में चीन जाकर समझौते करते हैं और कहते हैं कि उन्हें सबसे ज़्यादा चीन की जानकारी है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “कुछ लोग चीनी राजदूत को घर बुलाकर ट्यूशन लेते हैं।”

जयशंकर ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब 2006 में चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ भारत आए थे, तब भारत सरकार ने टेलीकॉम जैसे संवेदनशील सेक्टर में चीनी कंपनियों को न्योता दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस देश से हमारा युद्ध हो चुका है, उसे ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनर’ कैसे कहा जा सकता है?

न्यू नॉर्मल’ और ‘कांग्रेस नॉर्मल’ की परिभाषा दी

विदेश मंत्री ने ‘न्यू नॉर्मल’ की बात की और कहा कि आज भारत की नीति पहले जैसी नहीं है। अब आतंक का जवाब देना और सीमाओं की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें कुछ और करती थीं, जिसे उन्होंने ‘कांग्रेस नॉर्मल’ कहा।

 

मोदी और ट्रंप के बीच कोई कॉल ही नहीं हुई

जयशंकर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच किसी खास मसले पर बात हुई थी। जयशंकर ने कहा, “22 अप्रैल से 16 जून तक मोदी और ट्रंप के बीच कोई कॉल ही नहीं हुई।”

विपक्ष पर तीखा हमला: ‘मुंबई पर चुप थे, अब ज्ञान दे रहे हैं’

जयशंकर ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग 2008 में मुंबई हमलों के समय चुप थे, आज वो हमें बता रहे हैं कि क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन वहां का बयान भारत के पक्ष में आया, जिससे साफ है कि भारत की डिप्लोमेसी मजबूत हो रही है। जब विपक्ष ने जयशंकर की टिप्पणी पर आपत्ति जताई, तो राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने कहा कि सभी को बोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जयशंकर ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, “हम डिस्टर्ब नहीं होते, डिस्टर्ब वो होते हैं।”

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