नई दिल्ली: राज्यसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार को चीन और पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों, आतंकवाद, और भारत की विदेश नीति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है, वह खुद ही सब कुछ संभालने में सक्षम है।
जयशंकर ने राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा के दौरान कहा कि सेना का सम्मान करना चाहिए, यह कहना कि उसे किसी और की जरूरत है, सेना का अपमान है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पहले भी नूर खान एयरबेस और कई आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है।
#WATCH | Delhi | On the issue of China raised by the Opposition in the Parliament, EAM Dr S Jaishankar says, “…There are ‘China Gurus’. One of them is the member sitting in front of me (Jairam Ramesh), whose affection for China is so great, ‘unhone ek sandhi bana li thi India… pic.twitter.com/qKneWDKyKR
— ANI (@ANI) July 30, 2025
जयशंकर ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती कोई नई बात नहीं है। ये एक दिन में नहीं हुआ, इसका लंबा इतिहास है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खुद को ‘चीन गुरु’ बताते हैं लेकिन उन्हें असल जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता ओलंपिक्स में चीन जाकर समझौते करते हैं और कहते हैं कि उन्हें सबसे ज़्यादा चीन की जानकारी है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “कुछ लोग चीनी राजदूत को घर बुलाकर ट्यूशन लेते हैं।”
जयशंकर ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जब 2006 में चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ भारत आए थे, तब भारत सरकार ने टेलीकॉम जैसे संवेदनशील सेक्टर में चीनी कंपनियों को न्योता दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस देश से हमारा युद्ध हो चुका है, उसे ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनर’ कैसे कहा जा सकता है?
विदेश मंत्री ने ‘न्यू नॉर्मल’ की बात की और कहा कि आज भारत की नीति पहले जैसी नहीं है। अब आतंक का जवाब देना और सीमाओं की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें कुछ और करती थीं, जिसे उन्होंने ‘कांग्रेस नॉर्मल’ कहा।
#WATCH | Delhi | On communication with the US during Operation Sindoor, EAM Dr S Jaishankar says, “… On May 9, US Vice President Vance called up the Prime Minister to warn him that a Pakistani attack would come in the next few hours. PM made it very clear that if anything… pic.twitter.com/EZcblk94e8
— ANI (@ANI) July 30, 2025
जयशंकर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच किसी खास मसले पर बात हुई थी। जयशंकर ने कहा, “22 अप्रैल से 16 जून तक मोदी और ट्रंप के बीच कोई कॉल ही नहीं हुई।”

जयशंकर ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग 2008 में मुंबई हमलों के समय चुप थे, आज वो हमें बता रहे हैं कि क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन वहां का बयान भारत के पक्ष में आया, जिससे साफ है कि भारत की डिप्लोमेसी मजबूत हो रही है। जब विपक्ष ने जयशंकर की टिप्पणी पर आपत्ति जताई, तो राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने कहा कि सभी को बोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जयशंकर ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, “हम डिस्टर्ब नहीं होते, डिस्टर्ब वो होते हैं।”
मेष: दिन शुभ रहेगा...