नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वक्फ बोर्ड की आलोचना करते हुए उन पर प्रयागराज में “भूमि पर कब्जा” करने का आरोप लगाया। उनके इस बयान ने वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया, जिसे हाल ही में लोकसभा में पारित किया गया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ के दौरान वक्फ बोर्ड ने यह “मनमाना बयान” दिया था कि कुंभ की जमीन भी उनकी है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या यह वक्फ बोर्ड है या ‘भू-माफिया’ बोर्ड है?”
वक्फ के नाम पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश
प्रयागराज में निषादराज गुहा जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा, “कुछ लोग नहीं चाहते थे कि प्रयागराज जैसी पौराणिक जगह को अपनी पहचान मिले, क्योंकि उनके लिए वोट बैंक महत्वपूर्ण था। वक्फ बोर्ड ने प्रयागराज और अन्य शहरों में भी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। जब हम महाकुंभ का आयोजन कर रहे थे, तो वक्फ बोर्ड मनमाने ढंग से बयान दे रहा था कि यह जमीन वक्फ की है।”
#WATCH | Prayagraj, UP | On the #WaqfAmendmentBill passed in the Lok Sabha, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath says, “Some people did not want a ‘Pauranik’ place like Prayagraj to gain its identity because their vote bank was important for them… In the name of Waqf,… pic.twitter.com/WdfWsmQ9ry
— ANI (@ANI) April 3, 2025
यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित होगा
योगी आदित्यनाथ ने इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित होगा। उन्होंने कहा, “हमने उत्तर प्रदेश से माफिया का सफाया कर दिया है और हम प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड पर लगाम लगाई और लोकसभा में इस विधेयक को पारित किया।”
लोकसभा के बाद राज्यसभा पेश हुआ बिल
वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक पर विचार के लिए प्रस्ताव पेश किया। यह विधेयक लोकसभा में बहुमत से पारित होने के बाद राज्यसभा में पेश किया गया। लोकसभा में 12 घंटे की बहस के बाद इस विधेयक को 288 मतों के साथ पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन कर वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना है। इसमें पंजीकरण प्रक्रिया को बेहतर बनाने और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने का प्रस्ताव है।