इंटरनेशनल डेस्क: इजरायल ने मंगलवार रात को सीरिया की राजधानी दमिश्क पर एक महा भयानक ड्रोन हमला किया, जिसमें कम से कम 6 सीरियाई सैनिक मारे गए हैं। इस हमले में कई अन्य सैनिक घायल भी हो गए हैं। यह हमला दमिश्क के दक्षिणी उपनगर किस्वा में हुआ, जो हाल ही में सैन्य गतिविधियों और हिंसक झड़पों के केंद्र में रहा है। सीरियाई सरकारी मीडिया और एक ब्रिटेन स्थित निगरानी संस्था ने इस घटना की पुष्टि की है।
सीरिया के सरकारी टीवी चैनल ‘अल-इखबरिया’ ने बताया कि यह हमला मंगलवार रात हुआ था, जिसमें मारे गए सभी सैनिक सीरियाई सेना से जुड़े थे। हालांकि, हमले के बारे में ज्यादा जानकारी मीडिया द्वारा साझा नहीं की गई है। इजरायल ने इस हमले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ब्रिटेन स्थित ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने जानकारी दी कि यह ड्रोन हमला दमिश्क और दक्षिणी प्रांत स्वेदा को जोड़ने वाले इलाके में किया गया था, जहां पहले भी सीरियाई सरकार समर्थक गुटों और द्रूज़ समुदाय के बीच हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के दौरान सीरियाई सेना की कुछ सैन्य संपत्तियों को भी नुकसान हुआ है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इससे पहले भी इजरायल ने सीरिया के अंदर कई बार हवाई हमले किए हैं, जिनका उद्देश्य ईरान समर्थित लड़ाकों और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों को निशाना बनाना रहा है। इजरायल का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य क्षेत्र में ईरान की सैन्य मौजूदगी को कम करना है ताकि अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा की जा सके।
सीरियाई सरकार लगातार इन हमलों की निंदा करती रही है और उन्हें सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन मानती है। इन हमलों के कारण मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ रही है। इजरायल और सीरिया के बीच यह टकराव क्षेत्रीय सुरक्षा और शक्ति समीकरणों पर असर डाल सकता है। सीरिया में बशर अल-असद सरकार के शासन के बाद से इजरायल ने अपनी हवाई गतिविधियों को और तेज कर दिया है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है।
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