नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। ISRO ने 3 जुलाई 2025 को महेंद्रगिरि स्थित ISRO प्रणोदन परिसर (IPRC) में गगनयान सर्विस मॉड्यूल प्रणोदन प्रणाली (SMPS) के दो हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक किए हैं। इन परीक्षणों से गगनयान मिशन की अंतरिक्ष उड़ान के लिए तैयारियों में तेज़ी आई है।
परीक्षण का विवरण
गगनयान मिशन के इन हॉट टेस्टों में 30 सेकंड और 100 सेकंड के लिए दो अल्पकालिक ताप परीक्षण किए गए। इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य प्रणोदन प्रणाली के समग्र प्रदर्शन का मूल्यांकन करना था, जो पूर्व-परीक्षण पूर्वानुमानों के अनुसार सामान्य पाया गया। 100 सेकंड के दौरान, सभी लिक्विड एपोजी मोटर (LAM) इंजन और रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCS) थ्रस्टरों का संचालन एक साथ सफलतापूर्वक हुआ।
ISRO के द्रव प्रणोदन प्रणाली केंद्र (LPSC) ने गगनयान SMPS के लिए प्रौद्योगिकी विकास में अहम भूमिका निभाई है। SMPS प्रणाली गगनयान के कक्षीय मॉड्यूल की एक महत्वपूर्ण प्रणाली है, जिसे कक्षीय पैंतरेबाज़ी और मिशन के दौरान विविध परिदृश्यों में संचालन के लिए उपयोग किया जाएगा। इसमें 5 लिक्विड एपोजी मोटर (LAM) इंजन हैं, जिनकी ताकत 440N है, और 16 रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCS) थ्रस्टर, जिनकी ताकत 100N है।
भविष्य की योजनाएं
इन हॉट परीक्षणों से मिली सफलता के बाद, ISRO अब एक पूर्ण अवधि के हॉट टेस्ट की योजना बना रहा है, जिसमें पहले से प्राप्त अनुभवों के आधार पर सुधार किए जाएंगे। इससे गगनयान मिशन की उड़ान के लिए प्रणोदन प्रणाली के प्रदर्शन की स्थिति का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।
गगनयान मिशन क्या है?
गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है। इस मिशन का उद्देश्य तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को लगभग 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना है और उन्हें तीन दिन बाद सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है। इस मिशन के तहत ISRO ने भारतीय अंतरिक्ष यात्रा की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। ISRO के इस हॉट टेस्ट के सफलतापूर्वक संपन्न होने से भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक और कदम आगे बढ़ गया है।

