नेशनल डेस्क: झारखंड के लातेहार जिले में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के शीर्ष नक्सली नेता पप्पू लोहरा और एक अन्य नक्सली मारा गया। पप्पू लोहरा के ऊपर 10 लाख रुपये का इनाम था, जबकि दूसरा मारा गया नक्सली प्रभात गंझू था, जो जोनल कमांडर था और उसके ऊपर 5 लाख रुपये का इनाम था।
कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली जंगल में छिपे हुए हैं। इस पर लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबलों की टीम जंगल में पहुंची, नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
क्या-क्या बरामद हुआ?
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके की तलाशी ली। मौके से दो शव बरामद किए गए: एक पप्पू लोहरा और दूसरा प्रभात गंझू का। एक अन्य नक्सली घायल मिला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार नक्सली के पास से इंसास राइफल बरामद की गई। मौके से और भी हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। पलामू के डीआईजी वाई एस रमेश ने बताया कि मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं।
आईजी ऑपरेशन अमोल विनुकांत का बयान
आईजी ऑपरेशन अमोल विनुकांत होमकर ने कहा कि यह झारखंड पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। पप्पू लोहरा और उसका समूह लातेहार इलाके में हिंसा फैलाने की तैयारी में था। लेकिन सुरक्षाबलों की सतर्कता और कार्रवाई की वजह से उनका मंसूबा नाकाम हो गया। इस मुठभेड़ से साफ है कि झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है और सुरक्षाबलों का मनोबल भी मजबूत हुआ है।

