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Cabinet Expansion Maharashtra : फडणवीस मंत्रिमंडल का विस्तार, छगन भुजबल ने ली मंत्री पद की शपथ

नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने अपना मंत्रिमंडल विस्तार कर लिया है। इस विस्तार के तहत नए चेहरों को सरकार में शामिल किया गया है। बता दें कि इस मंत्रिमंडल विस्तार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को मंत्री पद दिया गया है। उन्होंने मुंबई स्थित राजभवन में आयोजित एक समारोह में मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह काफी औपचारिक और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।

शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे कई बड़े नेता

छगन भुजबल के शपथ ग्रहण के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी नेता व उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी मौजूद रहे। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह साफ जाहिर होता है कि सरकार में विभिन्न दलों के बीच तालमेल बना हुआ है।

गठबंधन की राजनीति में एक और कदम

इस मंत्रिमंडल विस्तार को महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार के भीतर संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। एनसीपी के छगन भुजबल जैसे वरिष्ठ नेता को मंत्री बनाए जाने से यह संकेत मिलता है कि भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के बीच राजनीतिक सहयोग और गहरा हो रहा है। वहीं मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद NCP नेता छगन भुजबल ने कहा, यह मुख्यमंत्री तय करेंगे। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह ठीक रहेगी।

छगन भुजबल जी पहले भी मंत्री रह…

वहीं NCP नेता छगन भुजबल के महाराष्ट्र के मंत्री पद की शपथ लेने पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, ” छगन भुजबल जी पहले भी मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कई विभागों को लीड किया है और वो एक अनुभवी नेता हैं…मैं उनको बहुत बधाई देता हूं…उनके अनुभव का निश्चित रूप से सरकार को फायदा होगा।

सब्जी विक्रेता के रूप में भी काम किया…

आपको बता दें कि छगन भुजबल, महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1947 को हुआ था। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत बेहद साधारण हालातों में की। एक समय था जब वे मुंबई के बायकुला मार्केट में सब्जी विक्रेता के रूप में काम किया करते थे। लेकिन अपने दृढ़ निश्चय और मेहनत के बल पर उन्होंने राजनीति में एक खास मुकाम हासिल किया। उन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।

शिवसेना से की राजनीतिक शुरुआत

भुजबल ने 1960 के दशक में शिवसेना से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वे करीब 25 वर्षों तक शिवसेना के साथ जुड़े रहे। साल 1985 में, वे मुंबई के मझगांव विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने गए और दो बार इस सीट से जीत हासिल की। उस समय वे शिवसेना के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। 1991 में, जब मंडल आयोग और ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठा, तो इस पर शिवसेना से उनका मतभेद हो गया। इसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद, जब 1999 में शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) बनाई, तो भुजबल भी उनके साथ चले गए।

उपमुख्यमंत्री से लेकर कई अहम मंत्रालयों तक

1999 में जब कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार बनी, तो छगन भुजबल को बड़ा पद मिला। वे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और साथ ही गृहमंत्री बनाए गए। इसके अलावा वे अपने करियर में विभिन्न मंत्रालयों जैसे:

-गृह मंत्रालय

-सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD)

-खाद्य और नागरिक आपूर्ति

-उपभोक्ता मामले में भी मंत्री पद संभाल चुके हैं।

कानूनी विवाद और जेल यात्रा

भुजबल का राजनीतिक जीवन पूरी तरह बिना विवादों के नहीं रहा। 2016 में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस कारण वे करीब दो साल तक जेल में रहे। बाद में उन्हें जमानत मिल गई। 20 मई 2025 को छगन भुजबल ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद की शपथ ली है। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, और एनसीपी नेता अजित पवार भी मौजूद रहे। भुजबल इस समय अजित पवार गुट की एनसीपी में हैं, जो कि महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना शिंदे गुट और एनसीपी) का हिस्सा है। 2024 के विधानसभा चुनावों में इस एनसीपी गुट ने 41 सीटें जीती थीं।

नाराज़गी और राजनीतिक दबाव

2024 में जब मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिली, तो भुजबल ने अपनी नाराज़गी भी खुलकर जाहिर की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अजित पवार पर निशाना साधा था। लेकिन अब एक बार फिर उन्हें मंत्री बनाया गया है, जिससे यह माना जा रहा है कि पार्टी के अंदर चल रहे असंतुलन को संतुलित करने की कोशिश की गई है।

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