Last Updated: September 16, 2026

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महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय नोटों पर क्यों ? RBI ने कर दिया ये बड़ा खुलासा

July 7, 2025

महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय नोटों पर क्यों ? RBI ने कर दिया ये बड़ा खुलासा

नेशनल डेस्क : भारतीय करेंसी पर महात्मा गांधी की तस्वीर एक लंबे समय से लगती आ रही है। इसकी वजह केवल उनकी लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि यह एक समझदारी भरा फैसला भी है। भारत जैसे देश में कई महान हस्तियां हैं, जैसे रवींद्रनाथ टैगोर, मदर टेरेसा और अबुल कलाम आजाद, लेकिन जब नोटों पर किसी एक व्यक्ति की तस्वीर लगाने की बात आई तो भारत सरकार और रिजर्व बैंक ने गांधीजी पर सर्वसम्मति बनाई। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

नोटों पर तस्वीरों का इतिहास

आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इसका कारण यह है कि गांधीजी केवल एक नेता नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आज़ादी और अहिंसा का प्रतीक हैं। उनकी तस्वीर से नोट की पहचान आसान होती है और नकली नोटों से असली नोटों को अलग करना भी सरल होता है।

पहले नोटों पर ब्रिटिश राज की झलक…

दरअसल, अंग्रेजों के जमाने में भारतीय नोटों पर ब्रिटिश राज की झलक देखने को मिलती थी, जिनमें राजाओं, हाथियों और जानवरों की तस्वीरें होती थीं, जो ब्रिटिश साम्राज्य की भव्यता को दर्शाती थीं। लेकिन स्वतंत्रता के बाद भारत ने अपने नोटों पर अशोक स्तंभ, किसान, वैज्ञानिक और देश की प्रगति को दर्शाने वाले चित्रों का उपयोग शुरू किया। धीरे-धीरे महात्मा गांधी की तस्वीर नोटों पर छपने लगी, जो देश के लिए एक खास पहचान बन गई।

नोटों पर पहली बार गांधीजी की तस्वीर

महात्मा गांधी की पहली तस्वीर 2 अक्टूबर 1969 को उनके जन्मशताब्दी पर जारी 100 रुपये के स्मारक नोट पर दिखाई दी। इसके बाद 1987 में गांधीजी की तस्वीर के साथ 500 रुपये के नोट जारी किए गए। 1996 में सुरक्षा फीचर्स के साथ नई गांधी सीरीज़ शुरू हुई, जो आज भी जारी है।

RBI की डॉक्यूमेंट्री में खुलासा

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में ‘RBI Unlocked: Beyond the Rupi’ नामक डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से यह जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि नोटों पर गांधीजी की तस्वीर लगाने का निर्णय किस तरह लिया गया और नोटों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है। यह डॉक्यूमेंट्री JioCinema पर देखी जा सकती है, जहां RBI के काम करने की पूरी प्रक्रिया को दर्शाया गया है।

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