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Cabinet Meeting: मोदी कैबिनेट ने 4 बड़ी रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी, 24,634 करोड़ रुपये का निवेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 24,634 करोड़ रुपये की चार प्रमुख रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मध्य भारत में रेलवे नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। इन स्वीकृत परियोजनाओं में प्रमुख रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइनें बनाने का प्रस्ताव है, जो भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को और मजबूत करेंगी।

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स्वीकृत परियोजनाओं की प्रमुख जानकारी


1. वर्धा-भुसावल खंड (314 किलोमीटर)

यह परियोजना महाराष्ट्र में वर्धा से भुसावल तक फैली हुई है। इसमें तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण होगा, जो यातायात की क्षमता को बढ़ाएगी।

2. गोंदिया-डोंगरगढ़ खंड (84 किलोमीटर)
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित इस खंड पर चौथी रेल लाइन बनाई जाएगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

 

3. वडोदरा-रतलाम कॉरिडोर (259 किलोमीटर)
गुजरात और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर का विस्तार होगा, जिससे इन दोनों राज्यों के बीच माल और यात्री परिवहन में आसानी होगी।

4. इटारसी-भोपाल-बीना खंड (237 किलोमीटर)
मध्य प्रदेश में स्थित इस रेल खंड में तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण होगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इन चार परियोजनाओं से कुल 894 किलोमीटर रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा, और यह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों के 18 जिलों को जोड़ेंगी।

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परियोजनाओं के फायदे

इन परियोजनाओं से 3,633 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिनकी कुल आबादी लगभग 85.84 लाख है। इसके अलावा, दो आकांक्षी जिलों विदिशा और राजनांदगांव को भी रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे भारतीय रेलवे की संचालन दक्षता में सुधार होगा, और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से रेल मार्गों पर भीड़भाड़ को कम किया जाएगा, जिससे यातायात की गति में सुधार होगा और भारतीय रेलवे की गतिशीलता में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। इन परियोजनाओं से न केवल रेल यातायात का स्तर सुधरेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

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