Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

Video : हिम्मत है तो आए बिहार, पटक-पटकर मारेंगे… भाषा विवाद पर राज ठाकरे को निशिकांत दुबे की चुनौती

July 7, 2025

Video : हिम्मत है तो आए बिहार, पटक-पटकर मारेंगे… भाषा विवाद पर राज ठाकरे को निशिकांत दुबे की चुनौती

नेशनल डेस्क : मुंबई में मराठी न बोलने वाले हिंदीभाषियों के साथ हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। इस मुद्दे पर कई राजनीतिक दल राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे को घेर रहे हैं। खासकर भाजपा के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे को खुली चुनौती दी है कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे बिहार आकर दिखाएं। उन्होंने साफ कहा कि अगर राज ठाकरे बिहार आएंगे तो उनकी अच्छे से पिटाई होगी। गुवाहाटी में एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे की जमकर आलोचना की। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

TATA ने पहली फैक्ट्री बिहार में बनाई थी

दरअसल, निशिकांत दुबे ने कहा कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र में हमारे पैसे पर पल रहे हैं, लेकिन उनके क्षेत्र में कोई बड़ी फैक्ट्री या उद्योग नहीं है। उन्होंने कहा कि टाटा, बिरला, रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां महाराष्ट्र में यूनिट तक नहीं लगातीं। टाटा ने अपनी पहली फैक्ट्री बिहार में बनाई थी। दुबे ने सवाल उठाया कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी ने महाराष्ट्र में कितना टैक्स दिया है और उनकी कौन सी इंडस्ट्री है। उन्होंने बताया कि भारत के कई राज्यों जैसे झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में खनिज संसाधन हैं, लेकिन महाराष्ट्र में ऐसी कोई खदानें नहीं हैं।

भाषा और हिंसा को लेकर चुनौती

निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर राज ठाकरे में हिम्मत है तो वे सिर्फ मराठी भाषियों को ही नहीं, बल्कि उर्दू, तेलुगू और तमिल भाषियों को भी चुनौती दें। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे और उनके समर्थक महाराष्ट्र में अपने घर में ही हैं। अगर वे बड़े हैं तो बिहार और उत्तर प्रदेश आकर दिखाएं, वहां भी उन्हें कड़ी टक्कर मिलेगी और पिटाई होगी। दुबे ने कहा कि वे मराठी भाषा और महाराष्ट्र के महान नेताओं का सम्मान करते हैं और उनकी बातों का विरोध करते हैं।

मराठी भाषा का सम्मान करता हूं

निशिकांत दुबे ने खासतौर पर कहा कि वे मराठी भाषा का सम्मान करते हैं क्योंकि यह एक आदरणीय भाषा है। उन्होंने छत्रपति शाहूजी और शिवाजी महाराज जैसे महान योद्धाओं का भी सम्मान किया। इसके अलावा उन्होंने तात्या टोपे, बाल गंगाधर तिलक, लाजपत राय और गोपाल कृष्ण गोखले जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया, जिन्होंने भारत की आजादी में बड़ा योगदान दिया।

वोट की राजनीति कर रहे उद्धव और राज ठाकरे

निशिकांत दुबे ने कहा कि आज जो राजनीति राज ठाकरे और उनके भाई उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, वह केवल वोट बैंक की राजनीति है। उन्होंने इसे बहुत ही घटिया और गलत बताया और कहा कि वे ऐसी राजनीति का कड़ा विरोध करेंगे। उनका कहना था कि BMC चुनाव के चलते इस तरह की राजनीति की जा रही है, जिससे समाज में तनाव बढ़ता है। दुबे ने साफ कहा कि वे इस तरह की राजनीति का पूरा विरोध करेंगे और इसका मुकाबला करेंगे।

यह पूरा विवाद महाराष्ट्र में भाषा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर उभरते तनाव का हिस्सा है, जहां राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रही हैं। राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे पर आरोप लगते हैं कि वे हिंसा और विभाजन की राजनीति कर रहे हैं, जबकि भाजपा और अन्य दल इसका विरोध करते हुए चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में यह मामला चुनावी राजनीति और सामाजिक सद्भाव के बीच एक बड़ा विवाद बन गया है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें