नई दिल्ली: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने राहुल की राजनीतिक गंभीरता, संसदीय जिम्मेदारी और नियमों की समझ पर सवाल उठाए हैं।
निशिकांत दुबे ने क्या कहा?
निशिकांत दुबे ने कहा, “राहुल गांधी इतिहास में पहले ऐसे विपक्ष के नेता हैं जिनका देशहित से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने कहा कि “वो मुश्किल से दो मिनट मीडिया में आते हैं, संसद सत्रों में उनकी उपस्थिति लगभग शून्य है।” दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल को संसदीय नियमों की भी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “राहुल को नियम 349 तक नहीं पता, जो कहता है कि कोई सदस्य सदन में बोलने के बाद तुरंत बाहर नहीं जा सकता।” दुबे ने यह भी कहा कि राहुल अपने पिता (पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी) द्वारा पारित कानूनों से भी अनजान हैं।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि “भारत में चुनाव चुराए जा रहे हैं।” बिहार में 52 लाख वोटर लिस्ट से हटाए गए, ये “चुनावी चोरी” का हिस्सा है। महाराष्ट्र में चुनाव आयोग ने एक करोड़ नए मतदाता जोड़े, लेकिन ये सब धोखाधड़ी के तहत हुआ। उन्होंने कहा कि ECI ने जानबूझकर मतदाता सूची में हेरफेर की, और जब विपक्ष ने इसका खुलासा किया तो प्रक्रियाओं को छिपा लिया गया। राहुल ने दावा किया कि “कर्नाटक में हमने उन्हें रंगे हाथों पकड़ा। हमें उनकी चुनावी रणनीति समझने में छह महीने लगे।”
भाजपा बनाम कांग्रेस: तीखा टकराव
भाजपा नेताओं का आरोप है कि राहुल केवल सस्ती लोकप्रियता और ड्रामा के लिए संसद आते हैं। वहीं कांग्रेस का दावा है कि मोदी सरकार और चुनाव आयोग लोकतंत्र की नींव पर हमला कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की सफाई
चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया का मकसद फर्जी, मृत या दोहरी प्रविष्टियों को हटाना है आयोग का कहना है कि वह सभी नागरिकों की पहचान और नागरिकता की पुष्टि करने का अधिकार रखता है। निष्पक्ष और साफ-सुथरे चुनाव के लिए ये प्रक्रिया जरूरी है।

